सिंधिया बोले- विपक्ष बोलना बंद करे, काम करे:केंद्रीय मंत्री ने ग्वालियर में कहा- हिमाचल-कर्नाटक में OPS लागू करके दिखाए कांग्रेस

ग्वालियर पहुंचे केन्द्रीय मंत्री दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ‘विपक्ष और विपक्ष के पूर्व अध्यक्ष चिल्ला रहे हैं। मैं उनको बोलना चाहूंगा कि चिल्लाना बंद करें और काम करें। जनता बोलने वाली नहीं, काम करने वाली सरकार चाहती है।

सिंधिया सोमवार को जन्माष्टमी पर एक दिवसीय दौरे पर ग्वालियर पहुंचे हैं। सिंधिया ने कोटेश्वर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना भी की। वे यहां यादव समाज के चल समारोह में भी शामिल होंगे। सिंधिया ने सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। बता दें कि केंद्र सरकार ने हाल में यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) लॉन्च की है। इसे लेकर विपक्ष हंगामा कर रहा है।

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा, ‘कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में तो विपक्ष की सरकार है। वहां विपक्ष के घोषणा पत्र में ओपीएस मेंशन है फिर क्यों डर रहे हैं? वहां लागू करें। यही विपक्ष के साथ परेशानी है। बोलती है, पर करती नहीं। विपक्ष का काम ही विरोध करना है। विपक्ष का काम ही है देश को खड्डे में ले जाकर छोड़ना। विपक्ष के कई ऐसे राज्य हैं, जहां उन्होंने ओल्ड पेंशन स्कीम पर 10% से आगे पैसा नहीं बढ़ाया। विपक्ष के राज्यों की कथनी और करनी में अंतर है।’

विपक्ष के घोषणा पत्र में था ओपीएस

सिंधिया ने कहा, ‘विपक्ष के घोषणा पत्र में ओपीएस शामिल था, फिर लागू क्यों नहीं किया? जनता को आपने कहा था कि ओपीएस लागू करेंगे। भाजपा कामदारों की सरकार है, नामदारों की सरकार नहीं।’

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को लेकर उत्सुकता केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को लेकर कहा कि कॉन्क्लेव में ग्वालियर चंबल संभाग के लिए अच्छी घोषणाएं होंगी। 48 घंटे का समय है। थोड़ा इंतजार कीजिए। हमारा संभाग दिल्ली का काउंटर मैग्नेट बन सकता है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गोपाल मंदिर पहुंचकर किए राधा-कृष्ण के दर्शन

साथ ही जन्माष्टमी पर्व पर बधाई देते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि केवल भारतवर्ष पर नहीं संपूर्ण पृथ्वी पर भगवान श्री कृष्ण की कृपा है, हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलते हुए अपने कर्म करना है। भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए अपने कर्तव्य पथ पर चलना है, कोटेश्वर मंदिर पर पूजा अर्चना कर शुरुआत की गोपाल मंदिर में पूजा करने का आज मुझे सौभाग्य मिला है। दोनों ही मंदिरों का निर्माण सिंधिया रियासत काल में हुआ है और बहुमूल्य आभूषण भगवान के श्रृंगार के लिए दिए गए थे। यह हम सब ग्वालियर वासियों का सौभाग्य है और खुशी इस बात की है प्रशासन इस परंपरा को भी निभा रहा है उसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं।

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