मंदिर की भूमि पूजा के बाद सूर्यवंशी पहनेंगे पगड़ी और चमड़े के जूते

बस्ती : उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में अयोध्या से सटी सीमा के विक्रमजोत क्षेत्र के 30 गांव में सूर्यवंश परिवार के लोग रहते हैं जिन्होंने करीब पांच सौ साल पहले जब अयोध्या में श्री राम मंदिर को तोड़ा गया था उसी समय सूर्यवंशी ठाकुरों ने प्रतिज्ञा की थी कि पुनः राम मंदिर बनने पर ही इस वंश के लोग पगड़ी बांध देंगे और चमड़े का जूता पहनेंगे।

सूर्यवंश परिवार के क्षत्रिय टिकरिया ग्राम निवासी विजयपाल सिंह ने आज यहां कहा कि अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर को लगभग 500 वर्ष पूर्व जब तोड़ा गया था। उस समय सूर्यवंशियों ने प्रतिज्ञा की थी कि जब पुनः श्री राम मंदिर का निर्माण होगा तभी वह सिर पर पगड़ी बांध आएंगे और पैर में चमड़े का जूता पहनेंगे।

उन्होंने कहा कि तब से सूर्यवंशी क्षत्रिय इस प्रतिज्ञा का पालन करते चले आ रहे हैं। अब अयोध्या में पांच अगस्त को राम मंदिर भूमि पूजन शिलान्यास हो जाने के बाद सूर्यवंश परिवार के हजारों छत्रीय फिर सिर पर पगड़ी बांध आएंगे और चमड़े का जूता पैर में पहनेंगे। विजय पाल सिंह ने कहा है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन और शिलान्यास से देश का गौरव पूरे विश्व में बड़ा है इसके साथ ही सूर्यवंशी परिवार की गौरव गरिमा वापस लौट आई है।

ठगों ने ग्वालियर के दो पुलिस टीआई की फेसबुक आईडी का बनाया क्लोन

ग्वालियर । साइबर ठगों ने शहर के पुरानी छावनी थाना प्रभारी राजीव गुप्ता व थाटीपुर थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव की फेसबुक आइडी का क्लोन तैयार कर फेसबुक अकाउंट से जुड़े मित्रों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर इस क्लोन आइडी से जोड़ लिया है। इतना ही नहीं ठग अब फेसबुक फ्रेंड को मैसेज भेजकर किसी से 20 हजार रुपये तो किसी से 50 हजार रुपये की मदद मांग रहे हैं। दोनों थाना प्रभारियों ने फेसबुक आइडी का क्लोन बनाने की सूचना साइबर सेल को दे दी है। साइबर सेल की टीम फेसबुक अकाउंट का क्लोन तैयार करने वाली ठगों की गैंग को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है।

टीआइ राजीव गुप्ता व शैलेंद्र भार्गव ने साइबर सेल को सूचना दी है कि उनके फेसबुक अकाउंट से फोटो उठाकर फेसबुक अकाउंट का क्लोन ठगों ने बना लिया है। ठगी करने के लिए गैंग ने सबसे पहले उनके फेसबुक अकाउंट में फ्रेंड रिक्वेस्ट को कॉपी कर फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लिया है। अब उनके फेसबुक फ्रेंडों को मैसेज भेजकर बताया जा रहा है कि वह मुसीबत में हैं इसलिए पैसों की आवश्यकता है। किसी से 10 हजार तो किसी से 50 हजार रुपयों की मांग की जा रही है। उन्होंने अपने सभी दोस्तों को अलर्ट कर दिया है। राजीव गुप्ता व शैलेंद्र भार्गव ने बताया कि अब तक तो कोई दोस्त इन ठगों का शिकार नहीं हुआ है।

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 20 लाख के पार

देश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है और नतीजा यह है कि अब तक इसके संक्रमितों की संख्या 20 लाख के पार जा चुकी है। गुरुवार को कोरोना संक्रमण के 61,669 नए मामले सामने आने से देश में अब तक इस बीमारी की चपेट में आने वालों का आंकड़ा बढ़कर 20,19,930 हो गया है। यह लगातार आठवां दिन है जब संक्रमितों की संख्या पचास हजार से ज्यादा रही। आंकड़ों के अनुसार वहीं 891 और मौतों के साथ मृतक संख्या 41,573 हो गई है।

इस बीच बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। गुरुवार को 49,619 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिलने से अब तक 13,70,347 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। यही वजह है कि देश में स्वस्थ होने की दर सुधर कर 67.62 फीसद हो गई। वहीं, मृत्यु दर घटकर 2.07 प्रतिशत रह गई।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि ठीक हो चुके मरीजों की संख्या अभी उपचाराधीन लोगों की संख्या से 7,32,835 ज्यादा है। मंत्रालय ने कहा कि अभी देश में कोरोना के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 5,95,501 है। यह कुल मामलों के प्रतिशत के रूप में 30.31 प्रतिशत है, जो 24 जुलाई को 34.17 प्रतिशत थी। इस प्रकार इसमें खासी गिरावट दर्ज की गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 56,282 नए मामले सामने आने के बाद गुरुवार को कुल संक्रमितों की संख्या 19,64,536 हो गई। संक्रमण से कुल 904 लोगों की मौत हो गई, जिससे कुल मृतकों की संख्या 40,699 हो गई।

पिछले 24 घंटों के दौरान कुल 46,121 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दी गई। मंत्रालय ने कहा कि मरीजों के स्वस्थ होने की दर में लगातार सुधार हो रहा है और यह 67.62 प्रतिशत की ऊंचाई तक पहुंच गया है। मंत्रालय ने कहा कि केंद्र और राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों द्वारा टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट की रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अलावा अस्पताल के बुनियादी ढांचे और परीक्षण सुविधाओं को बढ़ाया गया। अस्पताल में भर्ती रोगियों के उपचार में मानक दिशा निर्देशों पर जोर दिया गया। इससे कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की मृत्यु पर नियंत्रण हो पाया।

ओवैसी की ओर से दिखाए गए बाबरी प्रेम पर शिवसेना ने सामना के जरिए किया करारा प्रहार

मुंबई : अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भव्य भूमि पूजन होने होने पर ओवैसी की ओर से दिखाए गए ‘बाबरी प्रेम’ पर शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए करारा प्रहार किया है. शिवसेना ने कहा कि ‘बाबर अब हिंदुस्थान तो क्या पूरी दुनिया में कहीं जिंदा नहीं है. अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण अब एक हकीकत बन चुका है. यह जन-भावनाओं की विजय है मिस्टर ओवैसी, अब रोना वगैरह बंद करो’. शिवसेना ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि वह इस मामले में नाक घुसाना बंद करे. सबसे पहले वह अपने संविधान में इस्लामिक रिपब्लिक हटाकर धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़े, उसके बाद हमसे बात करे. 

‘ओवैसी की बांग का देश के मुसलमान स्वागत नहीं करते’

सामना में प्रकाशित ताजा लेख में कहा गया है कि अयोध्या में भव्य-दिव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है. प्रधानमंत्री मोदी ने  साष्टांग दंडवत होकर श्री राम के दर्शन किए. मोदी ने कहा कि राम जन्मभूमि संकट के चक्रव्यूह से मुक्त हो गई है. राहुल- प्रियंका समेत सभी नेताओं ने इसका स्वागत किया है. लेकिन विघ्नसंतोषी असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं कि बाबर जिंदा है और जिंदा रहेगा. ओवैसी की इस बांग देश के बाकी मुसलमान बंधु स्वागत नहीं करते.

‘बाबर अब हिंदुस्थान तो क्या उज्बेकिस्तान में भी जिंदा नहीं है’

सामना ने ओवैसी से पूछा कि बाबर कौन है. वह तुम्हारा क्या लगता है. कहा कि बाबर अब हिंदुस्थान तो क्या, पूरी दुनिया में कहीं भी जिंदा नहीं है. जिस उज्बेकिस्तान से वह आया, उस देश में वह कितना जिंदा है?. बाबर हिंदुस्थान में घुसने वाला आक्रांता था. हिंदुओं पर कुछ काल तक राज कर लेने से उनका अस्तित्व समाप्त नहीं हो जाता. बाबर ने राम जन्मभूमि का विध्वंस किया और वहां मस्जिद बनाई. इस बात को ओवैसी जैसे नेता स्वीकार क्यों नहीं करते?
 

ओवैसी खुद कितने धर्मनिरपेक्ष, आत्मनिरीक्षण करें’

सामना ने कहा कि ओवैसी बोलते हैं कि हिंदुस्थान एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है. इसलिए राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में उपस्थित होकर मोदी ने संवैधानिक शपथ तोड़ी है. लेकिन खुद ओवैसी कितने धर्मनिरपेक्ष हैं. इसका उन्हें आत्मपरीक्षण करना चाहिए.  ओवैसी ने अयोध्या के भूमि पूजन को हिंदुत्व की विजय कहा है. हम कहते हैं, यह न्याय और सत्य की जीत है. जो कानूनी रूप से संविधान के अंतर्गत मिली है. हिंदू धर्म की अपनी अलग शरीयत नहीं है और न ही यह अन्य धर्मों को काफिर मानता. राम मंदिर इसी संविधान के राष्ट्रीय प्रतीक है। 

‘पूर्व पीएम नरसिंह राव ने धर्म निरपेक्षता पर सही उठाया था सवाल’ 

पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंहराव की प्रशंसा करते हुए सामना ने कहा कि अप्रैल 1992 में नरसिंह राव ने धर्म निरपेक्षता पर अपने विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि कोई दल धर्मनिरपेक्ष है. इसे कैसे साबित किया जाए. जामा मस्जिद में इमाम के सामने बैठकर राजनीतिक फायदे-नुकसान की बात करने वाले धर्मनिरपेक्ष और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण करने वाले धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं, ऐसा मानना ही धर्मनिरपेक्षता का ढोंग है. इस ढोंग को 6 दिसंबर 1992 को हमेशा के लिए जमीन में गाड़ दिया गया. 

‘यह जन भावनाओं की विजय है मिस्टर ओवैसी, अब रोना बंद करो’

ओवैसी पर अटैक करते हुए सामना ने लिखा कि असदुद्दीन कहते हैं कि मैं भावुक हो गया क्योंकि उस जगह पर 450 साल से एक मस्जिद खड़ी थी. ओवैसी जो कहते हैं, वह ढोंग ही है क्योंकि वहां पर 4  हजार साल से एक राम मंदिर था. उसे तोप  से गिराकर एक मस्जिद खड़ी कर दी गई. इसलिए भावुक किसे होना चाहिए. जो पाप तोपों से खड़ा किया गया था. उसे शिवसैनिकों ने अपने हथौड़ों से उद्ध्वस्त कर दिया. यह जन-भावनाओं की विजय है मिस्टर ओवैसी, अब रोना वगैरह बंद करो.

पाकिस्तान को हमारे मामले में नाक घुसाने की जरूरत नहीं’

पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख अहमद को निशान साधते हुए सामना ने लिखा कि वह कहते हैं कि भारत अब एक सेक्युलर देश नहीं रहा. वह अब ‘रामनगर’ बन गया है. पाकिस्तान को इस मामले में अपनी नाक घुसाने की जरूरत नहीं है. पाकिस्तान को सबसे पहले अपने संविधान से इस्लामी रिपब्लिक शब्द हटाकर उसे धर्मनिरपेक्ष घोषित करना चाहिए. साथ ही पाकिस्तान में मंदिरों, गुरुद्वारों और चर्चों पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए. वहां हिंदुओं से दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा है.  हिंदू लड़कियों का जबरन धर्मांतरण करवाया जा रहा है. ऐसे में पाकिस्तानियों को अपना मुंह खोलने की कोई जरूरत नहीं है. 

असेंबली सेशन से पहले गहलोत कैंप के विधायक बोले- पायलट के पास होते 45 MLA लेकिन…

राजस्थान में सियासी लड़ाई अभी पूरी तरह से थमी नहीं है. 14 अगस्त से राज्य में विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है, ऐसे में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के गुट अपना किला मजबूत करने में लगे हैं. इस बीच गहलोत कैंप के ही एक विधायक ने दावा किया है कि सचिन पायलट के पास करीब 40-45 विधायक हो सकते थे, जितनी संख्या दिख रही है असल में उससे अधिक है.

कभी सचिन पायलट गुट का हिस्सा रहे विधायक प्रशांत बैरवा ने कहा कि आज सचिन पायलट के पास 18 की संख्या है, लेकिन अगर हमसे सलाह ली होती तो ये संख्या 45 तक पहुंच सकती थी. प्रशांत बैरवा भी अभी जैसलमेर के सूर्यगढ़ होटल में ही हैं और अन्य कांग्रेसी विधायकों के साथ रुके हुए हैं.

प्रशांत ने कहा कि सचिन पायलट के साथ काफी बड़ी टीम थी, उसका उन्हें अंदाजा भी नहीं था. अगर वो हमसे सलाह लेते तो संख्या 45 होती, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. ऐसे में लग रहा था कि गेम कोई और ही खेल रहा है. आज भी उनके कई चाहने वाले इस तरफ हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम कांग्रेस के लिए वोट नहीं करेंगे हम कांग्रेस को ही वोट करेंगे.

उन्होंने कहा कि इस पूरे खेल के पीछे भारतीय जनता पार्टी है, कई विधायक वापस भी आना चाहते हैं. लेकिन अब उन्हें आने नहीं दिया जा रहा है.

बता दें कि कांग्रेस की ओर से लगातार भाजपा पर ही इस पूरे खेल को रचने का आरोप लगाया जा रहा है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना था कि सचिन पायलट और उनके गुट के लोग बीजेपी के कहने पर चल रहे हैं, अगर पार्टी के अंदर की कोई बात है तो पार्टी के मंच पर उठाना चाहिए.

आपको बता दें कि राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए 14 अगस्त की तारीख चुनी है. ऐसे में दोनों गुट की ओर से विधायकों को साथ रखने की कोशिश है, सचिन पायलट गुट के विधायकों ने कहा था कि वो सत्र में हिस्सा लेंगे.

बंपर हो रही कोरोनिल की बिक्री? बाबा रामदेव बोले- हर दिन 10 लाख पैकेट की मांग, पूरा करने को जूझ रही पतंजलि

कोरोना वायरस कहर के बीच बाबा रामदेव की पतंजलि की कोरोनिल दवा की मार्केट में काफी मांग हो रही है। योग गुरु रामदेव का दावा है कि पतंजलि आयुर्वेद को कोविड-19 की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली विवादित दवा कोरोनिल के लिए हर दिन 10 लाख पैकेट की मांग मिल रही है।
 रामदेव ने बुधवार को कहा कि हरिद्वार स्थित यह कंपनी मांग को पूरा करने के लिए जूझ रही है, क्योंकि फिलहाल वह हर दिन सिर्फ एक लाख पैकेट की आपूर्ति कर पा रही है।

बाबा रामदेव ने दावा किया, ‘आज हमारे पास प्रतिदिन कोरोनिल के 10 लाख पैकेट की मांग है और हम केवल एक लाख की आपूर्ति कर पार रहे हैं।’ 
रामदेव ने कहा कि पंतंजलि आयुर्वेद ने इसकी कीमत केवल 500 रुपये रखी थी। उन्होंने कहा, ‘कोरोना वायरस महामारी के दौर में अगर हमने इसकी अधिक कीमत, यहां तक कि 5000 रुपये लगाई होती तो भी हम आसानी से 5,000 करोड़ रुपये तक कमा सकते थे। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया गया।’

रामदेव उद्योग संस्था एसोचैन द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘आत्म निर्भर भारत- वोकल फॉर लोकल’ को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित कर रहे थे।
 इससे पहले जून में रामदेव ने दावा किया था कि कोरोनिल कोविड-19 रोगियों को ठीक कर सकता है। हालांकि, आयुष मंत्रालय ने तुरंत इसे बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया और बाद में केंद्रीय मंत्रालय ने कहा कि पतंजलि इस उत्पाद को केवल प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की दवा के बेच सकती है और कोविड-19 के इलाज के रूप में इसे नहीं बेचा जा सकता।

उन्होंने कहा, ‘हमने अपने गाय के घी को 1,300-1,400 करोड़ रुपये का सालाना ब्रांड बनाया है।’ बता दें कि पतंजलि समूह का अनुमानित कारोबार लगभग 10,500 करोड़ है।

यूपीएससी में 243वीं रैंक पाने वाले उत्कर्ष से साक्षात्कार में पूछा गया, विकास दुबे का एनकाउंटर सही था क्या..?


गैंगस्टर विकास दुबे का एनकाउंटर कर क्या पुलिस ने सही किया। यह सवाल यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) में 243वीं रैंक हासिल करने वाले उत्कर्ष सिंह से इंटरव्यू में पूछा गया। उत्कर्ष ने जवाब दिया कि मामले की अभी जांच चल रही है तो पैनल में बैठे अफसरों ने उनसे पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में स्पष्ट जवाब देने को कहा।

उत्कर्ष ने कहा कि उनकी नजर में एनकाउंटर करना ठीक नहीं था। पुलिस को कानून के हिसाब से आगे बढ़ना चाहिए था। बर्रा दो निवासी उत्कर्ष ने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि साक्षात्कार में काफी उलझाने वाले प्रश्न पूछे जाते हैं। अभ्यर्थी के ज्ञान का नहीं पर्सनैलिटी का टेस्ट लिया जाता है।

उत्कर्ष ने सॉफ्टवेयर डेवलपर की 12 लाख सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी की। उन्होंने 10वीं पूर्णचंद्र विद्या निकेतन और 12वीं डॉक्टर सोनेलाल पटेल स्कूल से की। फिर आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया और एक साल निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर रहे। पिता पीसी कनौजिया झांसी पीएनबी बैंक में सीनियर हैं। 2017 में मां कुंती देवी का निधन हो गया था।

मुर्मू होंगे नए CAG, राजीव महर्षि की लेंगे जगह

नई दिल्ली

गिरीश चंद्र मुर्मू को देश का नया CAG नियुक्त किया गया है. केंद्र की मोदी सरकार ने गुरुवार को इसका नोटिफिकेशन जारी किया. वह राजीव महर्षि की जगह लेंगे.

जम्मू और कश्मीर के पूर्व उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू को देश का नया CAG (Comptroller and Auditor General of India) नियुक्त किया गया है. केंद्र की मोदी सरकार ने गुरुवार को इसका नोटिफिकेशन जारी किया. वह राजीव महर्षि की जगह लेंगे. राजीव महर्षि को साल 2017 में CAG नियुक्त किया गया था. उनका कार्यकाल तीन साल का रहा.

जीसी मुर्मू राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बने जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल रहे हैं. 60 साल के गिरीश चंद्र मुर्मू 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वह गुजरात कैडर के अफसर हैं. जीसी मुर्मू ने 31 अक्टूबर, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पहले एलजी के रूप में कार्यभार संभाला था. उन्होंने बुधवार को इस्तीफा दे दिया था. उनका कार्यकाल 9 महीने का रहा.

गिरीश चंद्र मुर्मू ओडिशा के सुंदरगढ़ के रहने वाले हैं. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम से एमबीए की पढ़ाई की. जम्मू और कश्मीर का उपराज्यपाल बनने के पहले जीसी मुर्मू वित्त विभाग में व्यय विभाग के सचिव थे.

मद्रास हाई कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद पर लगाया 10 लाख का जुर्माना, जानें क्या है मामला

कोरोनिल के कोरोना को ठीक करने के दावे को लेकर मद्रास हाई कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद पर 10 लाख का जुर्माना लगाया है.

चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने योग गुरु बाबा राम देव की पतंजलि आयुर्वेद और दिव्य मंदिर योग ट्रस्ट के खिलाफ 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने यह जुर्माना पतंजलि के उस दावे के लिए लगाया गया है, जिसमें कहा गया था कि उनका आयुर्वेदिक सूत्रीकरण कोरोनिल कोरोना वायरस को ठीक कर सकता है. बता दें इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने कोरोना वायरस के उपचार को लेकर पेश की गई कोरोनिल दवा के ट्रेडमार्क के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी.

जस्टिस सीवी कार्तिकेयन ने चेन्नई की कंपनी अरुद्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड की याचिका पर 30 जुलाई तक के लिए यह अंतरिम आदेश जारी किया था. अरुद्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड ने दावा किया था कि सन 1993 से उसके पास ‘कोरोनिल’ ट्रेडमार्क है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, साल 1993 में ‘कोरोनिल-213 एसपीएल’ और ‘कोरोनिल-92 बी’ का रजिस्ट्रेशन कराया गया था. वह तब से उसका रिन्युअल करा रही है.

रोज कोरोनिल के 10 लाख पैकेट की मांग- बाबा रामदेव

बाबा रामदेव ने बुधवार को दावा किया था कि पतंजलि आयुर्वेद कोरोनिल की मांग को पूरा करने के लिए जूझ रही है. अभी तक वो फिलहाल रोजाना सिर्फ एक लाख पैकेट की आपूर्ति कर पा रही है. उन्होंने कहा, ‘आज रोजोना कोरोनिल के 10 लाख पैकेट की मांग हो रही है, लेकिन हम सिर्फ एक लाख पैकेट ही दे पा रहे हैं.’

रामदेव ने आगे कहा कि पंतजलि आयुर्वेद ने कोरोनिल की कीमत सिर्फ 500 रुपये रखी है, लेकिन अगर हमने इसकी कीमत 5,000 रुपये रखी होती तो आज हम आसानी से पांच हजार करोड़ रुपये कमा सकते थे. लेकिन हमने ऐसा नहीं किया.

इम्यूनिटी बूस्टर की दवा है कोरोनिल

बता दें कि कोरोनिल के लॉन्च से पहले बाबा रामदेव ने दावा किया था कि कोरोनिल दवा कोरोना मरीजों को ठीक कर सकती है. हालांकि, आयुष मंत्रालय ने इसे बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया और बाद में मंत्रालय ने कहा कि पतंजलि इस दवा को इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में बेच सकती है. मंत्रालय ने साफ-साफ कहा था कि कोरोनिल को कोरोना वायरस के इलाज के रूप में बेचा नहीं जा सकता है.