‘…बहुत ही शर्मनाक बयान दिया’, राहुल-अखिलेश की किस बात पर बिफरे अयोध्या के संत? अवधेश प्रसाद के लिए कह दी ये बात

अयोध्या। रामनगरी के संतों ने शीर्ष पीठ बड़ा भक्तमाल के सभागार में सभा कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं सपाध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रति आक्रोश व्यक्त किया। संतों ने राहुल गांधी द्वारा हिंदुओं को हिंसक बताने और सपाध्यक्ष द्वारा क्षेत्रीय सांसद अवधेश प्रसाद को अयोध्या का राजा कहे जाने को अनर्गल और अक्षम्य बताया।

सभा को संबोधित करते हुए मधुरोपासना की शीर्ष पीठ रंगमहल के महंत रामशरणदास ने कहा कि जो हिंदू पूरी दुनिया में अपनी शांति-सौमनस्यता के लिए विख्यात हैं, उन्हें हिंसक बताना इस देश और भारतीय संस्कृति के प्रति घात है। जानकीघाट बड़ास्थान के पीठाधीश्वर महंत जन्मेजयशरण ने कहा कि अयाेध्या के राजा तो श्रीराम हैं और हम उनके अतिरिक्त किसी और को राजा कहा जाना स्वीकार नहीं कर सकते।

अवधेश प्रसाद के लिए कही ये बात

अवधेश प्रसाद लोकसभा में हमारे प्रतिनिधि हो सकते हैं राजा नहीं।  हनुमानगढ़ी से जुड़े महंत गौरीशंकरदास ने कहा कि राहुल गांधी तो कुछ भी कह सकते हैं. राहुल गांधी के पूर्वजों ने अखंड भारत के टुकड़े करवा दिए। राहुल गांधी के जो आका हैं उन्होंने भगवान श्री राम को काल्पनिक बता दिया था। तुलसीदास जी की छावनी पीठाधीश्वर महंत जनार्दन दास ने कहा कि हमने तो सुना था राहुल जी मोहब्बत की दुकान लगाते हैं, किंतु राहुल जी की मोहब्बत की दुकान में हिंदुओं के लिए सम्मान नहीं है।

बड़ा भक्तमाल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास ने कहा कि राहुल गांधी ने बहुत ही शर्मनाक बयान दिया है हिंदुओं को हिंसावादी कहा है। हिंदू तो अहिंसावादी है, हिंदू तो परोपकार करने वाला है। रामकचहरी के महंत शशिकांतदास ने कहा कि संसद भवन में राहुल गांधी का हमें हिंसक कहना निंदनीय है, इसका हम सभी विरोध कर रहे हैं।

बैठक में संतों-महंतों ने निर्णय किया कि यदि राहुल गांधी सार्वजानिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो अयोध्या के सभी साधु-संत और हिंदू समाज के लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे। बैठक में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डा. राघवाचार्य, रामकुंज कथा मंडप के महंत डा. रामानंददास, रामाश्रम के महंत जयरामदास आदि सहित शताधिक संत-महंत उपस्थित रहे।

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