पश्चिम बंगाल के संदेशखाली केस में सीबीआई ने 3 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं. इनमें 2 एफआईआर अज्ञात के खिलाफ हैं, जबकि 1 आरोपी और टीएमसी नेता शेख शाहजहां के खिलाफ दर्ज हुई है.
सीबीआई ने 5 जनवरी, 2024 को ईडी अफसरों पर हुए हमले के मामले में 3 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं. हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने बंगाल पुलिस से केस टेकओवर करते हुए तीनों एफआईआर फिर से रजिस्टर की हैं. दरअसल, पश्चिम बंगाल पुलिस ने कुल 3 एफआईआर दर्ज की थीं. इनमें 2 एफआईआर ईडी के डिप्टी डायरेक्टर की शिकायत पर दर्ज की गई थीं और तीसरी एफआईआर संदेशखाली के पास नजत पुलिस स्टेशन ने सुमोटो लेकर दर्ज की थी. अब ये तीनों एफआईआर सीबीआई ने फिर से दर्ज की हैं.
पहुंची ममता सरकार तो SC ने फौरी सुनवाई से कर दिया मना
वैसे, सीबीआई 5 मार्च 2024 को शाहजहां शेख की कस्टडी और केस डायरी लेने गई थी पर बंगाल पुलिस ने केस डायरी और कस्टडी देने से मना कर दिया था. बंगाल सरकार ने तब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था और तब सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से मना करते हुए सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के पास जाने को कहा.
ED ने कलकत्ता HC में लगाई कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट की एप्लीकेशन
इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शाहजहां शेख को सीबीआई को न सौंपने को लेकर कोलकाता हाईकोर्ट में कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट की एप्लीकेशन लगाई. जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट उस पर तब आदेश लिखा रहा था. बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट मूव करने का हवाला दिया है. ईडी ने कहा कि ऐसे हाईकोर्ट के आदेश को लटकाया नहीं जा सकता. यह सीधे तौर पर अवमानना है. अब जज आदेश लिखा रहे हैं.
PM नरेंद्र मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे के बीच रि-रजिस्टर हुईं FIRs
ये एफआईआर ऐसे वक्त पर हुई हैं, जब पीएम नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे. उन्होंने बारासात में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के दौरान कहा, “संदेशखाली में घोर पाप हुआ है. वहां पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज में अत्याचार हुआ है.” पीएम मोदी ने जब ये बातें कहीं तब वहां पर संदेशखाली की कुछ पीड़िताएं भी मौजूद थीं. पीएम मोदी ने इस प्रोग्राम के बाद वहां की 5 पीड़िताओं से भेंट की. ऐसा बताया गया कि पीएम ने उन्हें उस दौरान ध्यान से सुना. महिलाएं भी कड़वे अनुभव साझा करते हुए जज्बाती हो गई थीं.
![]()