कानपुर में सामने आए किडनी ट्रांसप्लांट केस में एमबीए छात्र आयुष कुमार की दर्दभरी कहानी अब सामने आ रही है . आईसीयू में भर्ती आयुष की सबसे बड़ी चिंता अपनी हालत नहीं, बल्कि उसकी मां है. अपने हाथ पर बने ‘I Love You Mom’ के टैटू को दिखाते हुए वह बार-बार पुलिस से एक ही बात कहता है कि मां को कुछ मत बताना वो यह सब नहीं सह पाएंगी.
हैलट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती आयुष कुमार की हालत अब स्थिर बताई जा रही है, लेकिन मानसिक रूप से वह अब भी दबाव में है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब भी बातचीत के दौरान उसके परिवार का जिक्र होता है, खासकर मां का नाम लिया जाता है, वह खुद को संभाल नहीं पाता. उसकी आंखें भर आती हैं, आवाज कांपने लगती है और वह हाथ जोड़कर विनती करता है बस मां को इस बारे में मत बताइएगा. पुलिस पूछताछ के दौरान भी उसने कई बार अपने हाथ को देखा और बताया कि वह अपनी मां से बेहद प्यार करता है. उसका कहना है कि उसने जो भी किया, उसमें सबसे बड़ा डर यही था कि कहीं उसकी मां को इसका पता न चल जाए.
मां यह सब नहीं सह पाएंगी
पुलिस के अनुसार, आयुष बार-बार यही दोहराता है कि उसकी मां यह सच्चाई नहीं सह पाएंगी. वह कहता है कि उसकी मां पहले ही बहुत परेशान रहती हैं और अगर उन्हें यह पता चला कि उसने किडनी बेच दी है, तो वह टूट जाएंगी. इस डर के कारण ही वह हर बार पुलिस से गुहार लगाता है कि परिवार को पूरी जानकारी न दी जाए.
घर से नौकरी के बहाने निकला था
आयुष ने घर से निकलते समय अपने परिवार को असल वजह नहीं बताई थी. उसने कहा था कि वह नौकरी के सिलसिले में कानपुर जा रहा है. परिवार को यही लगा कि वह अपने भविष्य के लिए एक नया कदम उठा रहा है, लेकिन असलियत कुछ और थी. अब यही बात आयुष को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है कि अगर सच्चाई सामने आई तो उसकी मां पर क्या असर पड़ेगा.
पिता के निधन के बाद बदल गई जिम्मेदारी
आयुष के जीवन में सबसे बड़ा बदलाव उसके पिता के निधन के बाद आया. पिता के जाने के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई. परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी. घर की जमीन गिरवी रखी जा चुकी थी और आमदनी का कोई स्थायी साधन नहीं था. ऐसे में पढ़ाई जारी रखना और खर्च उठाना उसके लिए लगातार मुश्किल होता जा रहा था. पुलिस पूछताछ में आयुष ने बताया कि पिछले दो महीनों से वह फीस जमा नहीं कर पा रहा था. हर दिन उसके सामने यही सवाल खड़ा होता था कि पैसे कहां से आएंगे. उसने कई जगह कोशिश की, मदद मांगने की भी सोची, लेकिन कोई ठोस रास्ता नहीं मिला. धीरे-धीरे यही दबाव उसे अंदर से तोड़ता गया. आयुष ने बताया कि परिवार की जमीन पहले से ही गिरवी होने के कारण उसे लोन भी नहीं मिल पा रहा था. उसने बैंक और अन्य जगहों पर भी कोशिश की, लेकिन हर जगह से निराशा ही हाथ लगी. जब सभी रास्ते बंद होते नजर आए, तब उसने ऐसा कदम उठाया, जिसे अब वह खुद भी गलत मान रहा है.
आयुष के परिवार को इस मामले की जानकारी दे दी गई है, लेकिन पूरी स्थिति को लेकर अभी भी सावधानी बरती जा रही है. उसकी मां और छोटा भाई इस घटना के बाद काफी परेशान बताए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि मां कानपुर आने की बात कर रही हैं. इधर, आयुष लगातार यही कह रहा है कि वह अपनी मां को इस हालत में नहीं देखना चाहता.
आईसीयू में हर पल मां का ख्याल
अस्पताल के आईसीयू में भर्ती आयुष के लिए हर पल अलग तरह का है. शारीरिक दर्द से ज्यादा वह मानसिक दबाव में दिख रहा है. उसके पास जो भी आता है, उससे वह एक ही बात कहता है कि मां को मत बताना. उसकी यह गुहार सुनकर अस्पताल स्टाफ और पुलिसकर्मी भी भावुक हो जाते हैं. पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है और किडनी रैकेट के तार कई शहरों तक खंगाले जा रहे हैं.
देहरादून से आकर दोस्त ने की मुलाकात
आयुष की एक दोस्त देहरादून से यहां पहुंची. पुलिस की मौजूदगी में उसकी मुलाकात आयुष से करवाई गई. मुलाकात के दौरान आयुष की मित्र ने उसके फैसले पर नाराजगी भी जताई. उसने कहा कि अगर उसे पैसों की जरूरत थी तो वह सीधे उससे या किसी और से मदद मांग सकता था. उसने यह भी बताया कि आयुष की मां इस समय काफी परेशान हैं और उससे मिलने की बात कर रही हैं.
साइबर जाल में भी फंसा था आयुष
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि पैसे की तलाश में आयुष कुछ साइबर ठगी से जुड़े लोगों के संपर्क में भी आया था. उसने म्यूल अकाउंट तक खुलवाया, लेकिन वहां से भी उसे कोई फायदा नहीं हुआ. इसके बाद ही वह किडनी बेचने वाले नेटवर्क के संपर्क में पहुंचा. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आयुष अब बातचीत करने की स्थिति में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. उसने बाकी रकम दिलाने की भी मांग की है. पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और कई अहम सुराग जुटाए गए हैं.
कई शहरों में दबिश
इस मामले की जांच के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग शहरों में सक्रिय हैं. लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली समेत कई जगहों पर संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है. फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है.
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