गूगलपे, फोनपे, पेटीएम चलाने वाले दें ध्‍यान, 1 अगस्‍त से यूपीआई में बार-बार नहीं कर पाएंगे ये काम

यूपीआई पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों को 1 अगस्‍त से उनके ऐप जैसे- पेटीएम, फोनपे या गूगलपे में कुछ बदलाव द‍िखाई देंगे। यूपीआई पेमेंट में आ रही रुकावटों को दूर करने के ल‍िए नए कदम उठाए जा रहे हैं।
UPI changes 1st August: गूगलपे, फोनपे, पेटीएम जैसे ऐप्‍स इस्‍तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए काम की खबर है। 1 अगस्‍त से नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई अपने एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) इस्‍तेमाल को लेकर नए नियम ला रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यह तकनीकी बदलाव अगस्‍त से लागू होगा। आपको विषय टेक्निकल लग सकता है, लेकिन यह सीधे तौर पर आपके यूपीआई चलाने के तरीके को बदल सकता है। फाइनेंशल एक्‍सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, नया नियम लाने का मकसद यूपीआई सिस्‍टम में पड़ रहे बोझ को कम करना है। इसका असर यह होगा कि आप यूपीआई ऐप से जो बैलेंस चेक करते हैं, उस पर लिमिट लग जाएगी। जो आपने ऑटो पेमेंट सेट किए हैं, उनमें चेंज आएगा। आइए इस बारे में व‍िस्‍तार से समझते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई पेमेंट की संख्‍या दिनों दिन बढ़ रही है। हर महीने करीब 16 अरब ट्रांजैक्‍शन प्रोसेस किए जा रहे हैं। इतनी बढ़ी संख्‍या में ट्रांजैक्‍शंस के होने से यूपीआई सिस्‍टम पर लोड बढ़ रहा है। हाल के दिनों में बैंकों की तरफ से सिस्‍टम का गलत इस्‍तेमाल करने के मामले सामने आए थे। साथ ही कुछ तकनीकी कमजोरियां भी दिखी थीं। इनसे निपटने के लिए 1 अगस्‍त से कुछ चेंज किए जा रहे हैं।रिपोर्ट के अनुसार, बीते दो-तीन महीनों में कई वाकये हुए जब यूपीआई पेमेंट डाउन हुआ। कहा जाता है कि 12 अप्रैल को 5 घंटे तक पेमेंट डाउन रहने से लोग काफी परेशान हुए। यह तीन साल में सबसे लंबा आउटेज था। यूपीआई की वजह से कई लोगों ने वॉलेट रखना छोड़ दिया है या फ‍िर वॉलेट में पैसे नहीं रखते। ऐसे में अगर यूपीआई ही डाउन हो जाए तो लोगों को कितनी अधिक परेशानी होगी। इसी से निपटने के लिए नियमों में बदलाव किया जा रहा है।

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