सिटी ऑफ म्यूजिक यानी प्रदेश की संगीतधानी ग्वालियर में यूनेस्को की टीम सोमवार को पहुंची। यूनेस्को के रीजनल साउथ एशिया ऑफिस के डायरेक्टर टिम कर्टिस और उनकी टीम ने शहर में संगीत विरासत से जुड़ी जगहों का भ्रमण किया। उन्होंने पद्म विभूषण सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान के जीवाजीगंज स्तिथ सरोद घर का भी जायजा लिया। इसके साथ ही टीम किले पर भी पहुंची।
सरोद वादन को सुना और लंबी चर्चा की
यूनेस्को ने साल 2023 में ग्वालियर को सिटी ऑफ म्यूजिक का तमगा दिया है। इसके बाद से संगीत क्षेत्र में नवाचार किए जा रहे है। इसी कड़ी में यूनेस्को की टीम ग्वालियर पहुंची। शहर में मौजूद संगीत विरासत से जुड़ी जगह का भ्रमण किया। पद्म विभूषण सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान के जीवाजी गंज स्थित सरोद घर में उन्होंने 1 घंटे से अधिक वक्त गुजरा। इस दौरान उन्होंने सरोद वादन के साथ रवाब को भी सुना, इसके अलावा उनके साथ लंबी चर्चा भी की।
अच्छे परिणाम सामने आएंगे
उस्ताद अमजद अली खान का कहना है कि यूनेस्को टीम द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बाद शहर में संगीत विरासत को सहेजने के साथ उसको बढ़ावा देने में सार्थक प्रयास तेजी से हो सकेंगे। डायरेक्टर टिम कर्टिस का कहना है कि ग्वालियर संगीत विरासत को करीब से देखकर बहुत अच्छा लगा, खासकर सरोद वादन को सुनकर मन को बहुत शांति मिली। यूनेस्को की पूरी टीम शहर में संगीत विरासत को लेकर काम कर रही है। जिसके जल्द ही बहुत अच्छे परिणाम आएंगे।
![]()