दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित राव आईएएस स्टडी सर्किल के बेसमेंट में पानी भरने से हुई छात्रों की मौत पर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है. छात्र सड़क पर हैं, तो एमसीडी उन कोचिंग सेंटरों को सील कर रही है, जिन्होंने अवैध निर्माण किए हैं. लेकिन जैसे ही एमसीडी के अफसरों ने वर्धमान मॉल के बेसमेंट में चल रहे विकास दिव्यकीर्ति के दृष्टि (विजन) कोचिंग सेंटर को सील किया, सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा. लोग कहने लगे Ethics पढ़ाते पढ़ाते खुद ही इथिक्स भूल गए. छात्रों ने अवध ओझा को भी नहीं छोड़ा. कहा, दोनों सिर्फ स्वीट पॉइजन देते हैं. अब नजर नहीं आ रहे हैं.
स्टूडेंट्स का सवाल है कि आखिरकार वे शिक्षक अब कहां हैं, जो बड़ी-बड़ी बातें करते हैं. वे इस मुद्दे पर क्यों कुछ नहीं बोल रहे हैं. कहा, बड़े और नामी कोचिंग संस्थान मोटी-मोटी फीस तो लेते हैं, लेकिन छात्रों के लिए उनके पास कुछ नहीं है. गुस्सा जाहिर करते हुए कुछ स्टूडेंट्स ने लिखा,विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा सर हैं…ये मौजूदा समय में स्टूडेंट्स के लिए एक एक्स पोस्ट तक तो कर नहीं पा रहे हैं. वैसे तो ये सोशल मीडिया पर खूब वायरल होते रहते हैं.
कुछ लोगों ने विकास दिव्यकीर्ति के वीडियोज भी शेयर किए, जिसमें वे मोटीवेशनल बातें करते नजर आ रहे हैं. अवध ओझा के भी वीडियोज शेयर किए जा रहे हैं. उनसे जवाब मांगा जा रहा है. स्टूडेंट्स की डिमांड है कि कुछ तो ये लोग बोलें. कई इस बात से दुखी नजर आए कि विकास दिव्यकीर्ति जैसा शख्स भी गलत तरीके से कोचिंंग चला रहा था. लोग उनसे पूछ रहे कि आखिर ये करना कितना जरूरी था. आप भी तो और लोगों की तरह हो गए.
एक ने कहा, ऐसे टीचरों और कोचिंग मालिकों का सिर्फ स्टूडेंट्स से बिजनेस चलता है पर वे उन्हीं को स्वीट पॉइजन (मीठा जहर) देते रहते हैं. कुछ यूजर्स ने लिखा, वे चुप हैं क्योंकि वे यूपीएससी और एजुकेशन बिजनेस के सीक्रेट स्टेक होल्डर्स हैं. उधर, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया, आप वाजीराम जैसे इंस्टीट्यूट में चले जाइए, वहां भगदड़ मच गई तो बच्चे निकल नहीं पाएंगे. 600-600 बच्चों को एक क्लास रूम में बैठाते हैं. आखिर ये क्या हो रहा है. किसी को बच्चों की परवाह नहीं है.
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