जेल में बंद मनीष सिसोदिया को मिली बड़ी राहत, कोर्ट ने मान ली उनकी बात, जानें क्‍या होगा आगे

नई दिल्‍ली. दिल्‍ली शराब घोटाला मामले में पिछले साल से जेल में बंद पूर्व उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया को ट्रायल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मनीष सिसोदिया ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर MLA फंड से पैसा रिलीज करने की अनुमति मांगी थी, ताकि उनके विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य को आगे बढ़ाया जा सके. अदालत की ओर से इस मामले में अब जाकर आदेश जारी किया है. बता दें कि शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. पूछताछ के बाद उन्‍हें गिरफ्तार किया गया था. वह अभी भी जेल में बंद हैं.

दरअसल, मनीष सिसोदिया ने विकास कार्य को आगे बढ़ाने के लिए विधायक निधि से फंड जारी करने को लेकर कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. अब राउज एवेन्‍यू कोर्ट ने उनकी याचिका को स्‍वीकार करते हुए MLA फंड को विकास कार्य के लिए रिलीज करने की अनुमति दे दी है. खिचड़ीपुर गांव, ईस्ट विनोद नगर, आवासीय कॉलोनी खिचड़ीपुर, रेलवे कॉलोनी और मंडावली में कई विकास कार्यों पर 3 करोड़ रुपए खर्च होंगे. खिचड़ीपुर में ओपन स्पेस का सौंदर्यीकरण, वेस्ट विनोद नगर में स्वाति पार्क का सौंदर्यीकरण, मयूर विहार फेस -2 और फिरनी मोड़ खिचड़ीपुर पर प्रवेश द्वार समेत अन्य कार्य किए जाने हैं.

पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र से हैं मनीष सिसोदिया

मनीष सिसोदिया दिल्‍ली विधानसभा में पटपड़गंज का प्रतिनिधित्‍व करते हैं. उन्‍होंने कोर्ट से अपनी पटपड़गंज विधानसभा में विभिन्न विकास कार्य के लिए विधायक फंड से तीन करोड़ रुपए जारी करने की अनुमति मांगी थी. अब राउज एवेन्‍यू कोर्ट ने उनकी मांग को स्‍वीकार करते इसकी अनुमति दे दी है. कोर्ट के आदेश के बाद अब मनीष सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य से जुड़े प्रोजेक्‍ट को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. फंड न होने की वजह से काम रुका हुआ था.

जेल में बंद हैं मनीष सिसोदिया

दिल्‍ली के पूर्व उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया शराब घोटाला से जुड़े मामले में जेल में बंद हैं. मनीष सिसोदिया ने जमानत के लिए कई बार कोर्ट में अर्जी दाखिल की लेकिन उन्‍हें अभी तक राहत नहीं मिल सकी है. उन्‍हें पिछले साल ही हिरासत में लिया गया था और बाद में गिरफ्तारी की घोषणा की गई थी. सिसोदिया उस वक्‍त से ही जेल में बंद हैं. उन्‍हें बीच में कुछ एक बार अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन रेगुलर बेल नहीं मिल सका है.

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