ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की माताजी माधवी राजे सिंधिया का निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थीं और बीते दो माह से उनका दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा था। आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। अंतिम संस्कार कल ग्वालियर में किया जाएगा।
लंबे समय से बीमार थीं
माधवी राजे सिंधिया के कोरोना काल से ही बीमार होने की खबरें आ रही थी। पिछले दो माह से उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। पांच मई को उनकी हालत अत्यधिक बिगड़ने की सूचना मिलने पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुंगावली में चुनावी सभा के बाद दिल्ली रवाना हो गये।
पार्थिव शरीर को दिल्ली से लाया जा रहा है
सिंधिया परिवार माधवी राजे सिंधिया के पार्थिव शरीर को दिल्ली से ग्वालियर ला रहे है। यहां महल में पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
राजमाता व माधव राव सिंधिया के समाधि के पास होगा अंतिम संस्कार
थीम रोड पर स्थित अम्मा महाराज की छतरी में राजमाता विजयाराजे सिंधिया व पूर्व केंद्रीय मंत्री माधव राव सिंधिया की समाधि हैं। इसी स्थान पर मां-बेटे का अंतिम संस्कार हुआ था। इनके पास ही माधवी राजे सिंधिया के पार्थिव देह का अंतिम संस्कार गुरुवार को किया जाएगा।
नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
माधवी राजे सिंधिया के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी दुख जताया है। बीडी शर्मा, नरोत्तम मिश्रा हितानंद शर्मा , जीतू पटवारी, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह वह अन्य सभी नेताओं ने ट्विटर पर श्रद्धांजलि अर्पण की
शाही परिवार से आती हैं माधवी राजे
सिंधिया राजघराने की तरह माधवी राजे सिंधिया भी एक शाही परिवार से आती हैं। माधवी राजे सिंधिया के दादा जु्द्ध शमशेर जंग बहादुर नेपाल के प्रधानमंत्री रहे हैं। माधवी राजे सिंधिया को प्रिंसेज किरण राज्य लक्ष्मी देवी के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वर्गीय पिता माधवराव सिंधिया ने 1966 में माधवी राजे सिंधिया से शादी की थी।
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