तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है. वहीं उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसके साथ ही टीवीके ने AIADMK के गठबंधन के प्रस्ताव को फिलहाल होल्ड पर डाल दिया है.
सूत्रों के अनुसार, विजय ने अभी तक 118 विधायकों के समर्थन का पत्र जमा नहीं किया है. उन्होंने मौखिक रूप से कहा है कि उनके पास बहुमत के लिए ज़रूरी संख्या मौजूद है. जानकारी के मुताबिक TVK ने राज्यपाल को 107+5 यानी 112 विधायकों के हस्ताक्षर किया हुआ पत्र सौंपा. लेकिन इस पर राज्यपाल ने कहा, ‘कृपया 118 हस्ताक्षरों (बहुमत) के साथ वापस आएं.’ TVK ने इसके लिए कुछ समय मांगा है.
कांग्रेस, जो लंबे समय से डीएमके की सहयोगी रही है, ने अब उससे नाता तोड़ते हुए विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है. पार्टी के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर ने कहा कि यह फैसला जनता के जनादेश का सम्मान करने के लिए लिया गया है.
हालांकि कांग्रेस ने TVK को समर्थन देते हुए शर्त रखी है कि संविधान में विश्वास न रखने वाली सांप्रदायिक ताकतों को गठबंधन से दूर रखा जाए. वहीं डीएमके ने कांग्रेस के इस फैसले को पीठ में छुरा घोंपने जैसा बताया है. दोनों दलों का गठबंधन 1971 से विभिन्न चरणों में कायम रहा था.बता दें कि 4 मई को जारी हुए राज्य के नतीजों ने सबको हैरान कर दिया.
TVK ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्तारूढ़ DMK को सत्ता से बाहर कर दिया. पहली बार चुनावी मैदान में उतरी विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है. राज्य में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत है.
इस बार के चुनाव में एम.के. स्टालिन की DMK को 59 सीटें मिलीं तो AIADMK ने 47 सीटों पर जीत दर्ज की. कांग्रेस के खाते में 5 सीटें आईं. इसके अलावा अन्य दलों को सीमित सीटें मिलीं. 2021 के चुनावों में DMK ने 133 सीटें जीती थीं और एम के स्टालिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे.
विजय ने पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व सीटों से जीत दर्ज की और उनकी पार्टी ने करीब 35 फीसदी वोट शेयर हासिल किया.
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