दिग्विजय सिंह ने कटवाया अरुण यादव का टिकट, सिंधिया के सामने बेटे को लड़ाना चाहते हैं चुनाव?

कांग्रेस ने शनिवार को 46 उम्मीदवारों की अपनी एक और सूची जारी की जिसमें मध्य प्रदेश  (Madhya Pradesh) की भी कुछ सीटें हैं. कांग्रेस ने हालांकि गुना सीट को होल्ड करके रखा है, यहां से अरुण यादव (Arun Yadav) के उतारने की खबरें थीं. वहीं, सूत्र बताते हैं कि यहां से अरुण यादव का नाम ड्रॉप कर दिया गया है यानी कि गुना सीट से वह केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के खिलाफ खड़े नहीं होंगे जिन्हें बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया है. बताया जा रहा है कि उनका ड्रॉप करने के पीछे दिग्विजय सिंह है.

सूत्र बताते हैं कि दिग्विजय सिंह नहीं चाहते थे कि अरुण यादव उनके क्षेत्र में प्रवेश करे क्योंकि इससे उनके बेटे जयवर्धन सिंह के राजनीतिक भविष्य को नुकसान पहुंचता. कुछ दिन पहले तक अरुण यादव को गुना से चुनाव लड़ाने की खबरे थीं. लेकिन कांग्रेस की नई सूची में गुना का नाम शामिल नहीं है. बता दें कि अरुण यादव खंडवा और खरगोन से सांसद रहे हैं. यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं. 

2004 से राजगढ़ पर बीजेपी का कब्जा

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की 12 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा शनिवार को की, जिसमें राजगढ़ सीट भी शामिल है. जैसा कि अनुमान लगाया जा रहा था पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह इस सीट से चुनाव लड़ेंगे. दिग्विजय सिंह गुना जिले के राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं और राघौगढ़, राजगढ़ संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है. वहीं, राजगढ़ सीट की बात करें तो 2004 से इस पर बीजेपी का कब्जा रहा है. इस बार दिग्विजय सिंह को उतारकर कांग्रेस यह सीट अपने नाम करना चाहती है.

2019 के लोकसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह को भोपाल से टिकट दिया गया था लेकिन उन्हें बीजेपी प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के हाथों का हर का मुंह देखना पड़ा था जो पहली बार चुनाव लड़ रही थीं. कांग्रेस ने भोपाल से अरुण श्रीवास्तव को टिकट दिया है.

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