कहीं चाचा-भतीजा तो कहीं मामा-भांजे की जोड़ी, नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ बीजेपी के बागी पर दांव

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान होना है. चुनाव कार्यक्रम का ऐलान होने से पहले ही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी थी. बीजेपी अब तक 136 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है. वहीं, विपक्षी कांग्रेस ने भी पहली सूची जारी कर दी है. नवरात्रि के पहले दिन कांग्रेस ने 144 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की. इस लिस्ट में छिंदवाड़ा सीट से कमलनाथ का नाम है तो राऊ से जीतू पटवारी का.

कांग्रेस ने इंदौर-1 सीट से कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ सीटिंग एमएलए संजय शुक्ला पर ही भरोसा जताया है तो वहीं, हाटपिपल्या सीट से राजवीर सिंह बघेल को उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस की इस लिस्ट में चार बातें खास हैं- मामा-भांजे, चाचा-भतीजे की जोड़ी को टिकट और मंत्रियों के खिलाफ बीजेपी के ही बागियों पर दांव, शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ टीवी के हनुमान को टिकट.

दो मामा-भांजे, एक चाचा-भतीजे की जोड़ी को टिकट

कांग्रेस की पहली सूची में दो मामा-भांजे, एक चाचा-भतीजे की जोड़ी को टिकट मिला है. कांग्रेस ने विधानसभा में विपक्ष के नेता डॉक्टर गोविंद सिंह को भिंड जिले की लहार सीट से उम्मीदवार बनाया है तो वहीं उनके भांजे राहुल भदौरिया को टिकट दिया है. गोविंद और राहुल के साथ ही मामा-भांजे की एक और जोड़ी मैदान में है.

विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे अजय सिंह राहुल और उनके मामा राजेंद्र सिंह भी चुनाव मैदान में ताल ठोकते नजर आएंगे. कांग्रेस ने राहुल को चुरहट और राजेंद्र सिंह को अमरपाटन सीट से टिकट दिया है. दिग्विजय सिंह के भाई और पुत्र को भी पार्टी ने टिकट दिया है. कांग्रेस ने दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह को चाचौड़ा और जयवर्धन सिंह को राघौगढ़ सीट से उम्मीदवार बनाया है.

कांग्रेस की पहली लिस्ट में कई बागियों पर भी दांव

कांग्रेस की पहली लिस्ट में बीजेपी, सपा और बसपा बागियों के भी नाम हैं. मध्य प्रदेश सरकार के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ दतिया सीट से कांग्रेस ने बीजेपी के ही बागी अवधेश नायक को उतारा है. इसी तरह पार्टी ने सिंधिया समर्थक गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ सुरखी से भी बीजेपी के ही बागी नीरज शर्मा को टिकट दिया है. कांग्रेस ने शिवराज सरकार के अधिकतर मंत्रियों के खिलाफ अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं.

कांग्रेस ने बैजनाथ यादव को कोलारस, हरिबाबू राय को अशोकनगर, राव यादवेंद्र यादव को मूंगावली और कटंगी से पूर्व सांसद बोध सिंह भगत को उम्मीदवार बनाया है. ये सभी नेता बीजेपी से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हुए थे. केवल बीजेपी ही नहीं, सपा और बसपा से आए नेताओं को भी कांग्रेस ने टिकट बंटवारे में तरजीह दी है. कांग्रेस ने बालाघाट से सपा छोड़कर आईं अनुभा मुंजारे और ग्वालियर ग्रामीण सीट से बसपा से चुनाव लड़ चुके साहब सिंह गुर्जर को टिकट दिया है.

जातीय समीकरणों का भी पूरा ध्यान

कांग्रेस की पहली लिस्ट में जातीय समीकरणों का भी पूरा ध्यान रखा गया है. कांग्रेस ने पहली लिस्ट में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 32 उम्मीदवारों को टिकट दिया है. पार्टी ने 19 महिलाओं को भी टिकट दिया है. कांग्रेस संगठन में भले ही 50 साल से कम उम्र के नेताओं को 50 फीसदी टिकट देने का फॉर्मूला आत्मसात करने में फेल रही हो, एमपी चुनाव में पार्टी उसी तरफ कदम बढ़ाती नजर आ रही है. 144 उम्मीदवारों की लिस्ट में 65 उम्मीदवार 50 साल से कम उम्र के हैं.

बागियों पर दांव, जातीय समीकरणों का ध्यान, महिलाओं को तरजीह और बड़े चेहरों के खिलाफ कभी बीजेपी में रहे नेताओं को आगे करने के साथ ही 50 साल से कम उम्र के नेताओं को टिकट देने की रणनीति कांग्रेस के लिए कितना फायदेमंद साबित होगी? ये 3 दिसंबर की तारीख बताएगी जब चुनाव नतीजे आएंगे

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