दतिया उपचुनाव में हार के 48 घंटे बाद भाजपा एक्शन मोड में आ गई। पार्टी ने दतिया में जिस पूरी कार्यकारिणी को भंग किया है, उसमें जिलाध्यक्ष समेत छोटे-बड़े करीब एक हजार से अधिक पदाधिकारी थे। मंगलवार को सीएम हाउस में करीब एक घंटे तक चली समीक्षा बैठक में चुनाव का काम देख रहे नेताओं ने प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से पूर्व गृहमंत्री व दतिया से पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा पर ठीकरा फोड़ा।
नेताओं ने कहा कि पूर्व गृहमंत्री के समर्थक पूरे चुनाव में ठीक काम करते रहे, पर अचानक वोटिंग से तीन-चार दिन पहले उन्होंने खिलाफ में काम करना शुरू कर दिया। मिश्रा के रोने के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने लगे। यह भी चला कि दद्दा का बदला लेना है।
चुनाव संचालकों की ओर से जो प्रचार सामग्री व अन्य चीजें नीचे बूथ पर पहुंचनी थी, पार्टी के पार्षदों ने उसे कांग्रेस के सुपुर्द कर दिया। दतिया नगर पालिका के 36 में से 30 पार्षद पार्टी के प्रत्याशी के विरुद्ध काम कर रहे थे। मंडल अध्यक्षों के कामकाज पर भी नेताओं ने सवाल खड़े किए।
बैठक में भी आंकड़े रखे गए कि शहर के दोनों मंडल कांग्रेस जीती। ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले पांच में से दो मंडल कांग्रेस के पक्ष में रहे। बैठक के आखिर में सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा- इस बैठक के अलावा भी किसी को व्यक्तिगत कोई बात कहनी है तो वह मिलकर बता सकता है। पार्टी तलाश रही है कि महिलाओं ने भाजपा को क्यों वोट नहीं किया? जहां वोट की उम्मीद थी, वहां 5-7% वोट क्यों ड्रॉप हुआ।
• चुनाव के दौरान जिस व्यक्ति को मंडल में चुनाव संचालक बनाया गया था, उसकी रिपोर्ट क्या है?
• क्या वाकई पार्षदों ने भाजपा के प्रदेश संगठन से भेजी गई चुनाव सामग्री को कांग्रेस के हैंडओवर कर दिया था?
दिग्गजों ने कमेटी को बताए हार के कारण
भाजपा ने हार की रिपोर्ट बनाने के लिए मंगलवार को दो सदस्यीय कमेटी बनाई, जिसमें गौरव रणदिवे और अंबाराम कराड़ा थे। कमेटी ने सभी से बात करके रिपोर्ट बनाई। इसे देर शाम दिल्ली नेतृत्व को भेज दिया गया।
• आपूर्ति निगम के अध्यक्ष विनोद गोटिया ने कहा- कार्यालय में आने के बाद पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा कार्यकर्ताओं से मिलते और हाथ पकड़कर कहते थे- ‘लगता है बहुत मेहनत कर रहे हो।’
• मंत्री राव उदय प्रताप सिंह बोले- दतिया नगर मंडल के उद्घाटन में जब पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पहुंचे, नरोत्तम अपने साथ सारी भीड़ लेकर निकल गए। जानकारी है कि 36 में 30 पार्षदों ने काम नहीं किया।
• सत्येंद्र भूषण (अध्यक्ष लघु उद्योग निगम)- ‘कुशवाह वर्ग का वोट नहीं मिला।’
• सांसद भारत सिंह कुशवाह- ‘मिला है।’
• सत्येंद्र- ‘कुछ नहीं मिला।’
• मंत्री तुलसी सिलावट- मेरे कार्यक्षेत्र उदगमा मंडल में 628 वोटों से जीत हुई है। किसने क्या किया, यह सब के संज्ञान में है।
दतिया में बीजेपी के पिछड़ने की मुख्य वजह
1- डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से पार्टी के भीतर असंतोष और बगावत हुई. 2- बीजेपी का ब्राह्मण कार्ड और जातीय समीकरण अपेक्षित असर नहीं दिखा सके. 3- कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम की मजबूत स्थानीय पकड़ और जनसंपर्क का फायदा मिला. 4- बीजेपी की संगठनात्मक रणनीति और बूथ प्रबंधन अपेक्षा के अनुरूप प्रभावी नहीं रहा.
पूरे जिला संगठन को एक साथ भंग करना बताता है कि बीजेपी इस हार को सिर्फ एक सीट का नुकसान नहीं मान रही. पार्टी अब दतिया में नई टीम के साथ नई शुरुआत करना चाहती है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए संगठन में किन चेहरों को जगह मिलती है और पार्टी इस हार से क्या सीख लेती है.
भीतरघात पर पहली बार; दतिया उपचुनाव के बाद भाजपा की पूरी जिला कार्यकारिणी भंग
दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा ने मंगलवार को बड़ा संगठनात्मक एक्शन लेते हुए जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह समेत जिले की पूरी संगठनात्मक इकाई भंग कर दी। अनुशासनहीनता और चुनावी नतीजों की समीक्षा के लिए गठित समिति की अनुशंसा पर प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने यह कार्रवाई की।
पार्टी के आदेश में जिला कार्यसमिति, सभी मंडलों, मोर्चों, प्रकोष्ठों, प्रकल्पों और विभागों के पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से दायित्वमुक्त किया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अब डैमेज कंट्रोल के तहत जल्द नई जिला कार्यकारिणी गठित की जाएगी।
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