काम खत्म होने तक बाहर जाना मना! बैंक मैनेजर ने गेट पर लगाया ताला,

भारत में वर्क कल्चर की टॉक्सिसिटी से जुड़े वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं. कभी किसी ऑफिस की मीटिंग में मारपीट, तो कभी बॉस की डांट के वीडियो सामने आते हैं. ऐसे वीडियो वायरल होने के साथ ही भारत के वर्क कल्चर पर बहस छिड़ जाती है.
अब सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो तैर रहा है, जो एक बैंक का बताया जा रहा है. वीडियो में स्टाफ घर जाने की बात करता है, लेकिन मैनेजर ऑफिस के दरवाजे पर ताला लगा देता है.

क्या है वायरल वीडियो में?

वायरल वीडियो में एक शख्स, जिसे बैंक मैनेजर बताया जा रहा है, ब्रांच के मुख्य गेट के पास दिखाई देता है. वह गेट बंद कर उसमें ताला लगाता नजर आता है. दावा है कि ऐसा कर्मचारियों को काम के बाद भी ब्रांच में रोकने के लिए किया गया. हालांकि, वीडियो कब और किस बैंक की किस ब्रांच का है, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

वीडियो में बैंक मैनेजर बैंक के गेट पर ताला लगाते हुए दिखाई देता है. स्टाफ उससे अनुरोध करते हुए कहता है कि ऑफिस का टाइम खत्म हो गया है, इसलिए उसे जाने दिया जाए. इस पर मैनेजर कहता है कि नहीं, जब तक काम पूरा नहीं हो जाता, वह किसी को जाने नहीं देगा. मैनेजर उनसे ओवरटाइम करने के लिए कहता है. इस पर एक कर्मचारी कहता है कि ओवरटाइम करना जरूरी नहीं है. इसके बावजूद मैनेजर उसकी बात नहीं सुनता और गेट पर ताला लगाकर अंदर चला जाता है.

वीडियो पर भड़के सोशल मीडिया यूजर्स

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने इसे ‘टॉक्सिक वर्क कल्चर’ से जोड़ते हुए कर्मचारियों के साथ इस तरह के व्यवहार की आलोचना की. वहीं, कुछ लोगों ने मामले की जांच और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की.
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी. एक यूजर ने लिखा कि यह घटना बैंक राष्ट्रीयकरण दिवस की 57वीं वर्षगांठ पर सामने आई है. उन्होंने बैंक परिसर में महिला कर्मचारी समेत अन्य कर्मचारियों को कथित तौर पर बंद किए जाने पर सवाल उठाए. एक अन्य यूजर ने पूछा कि मानवाधिकार आयोग और महिला संगठनों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है. वहीं, एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, ‘सस्ता मनी हाइस्ट चल रहा है.’ एक अन्य यूजर ने कर्मचारियों को ओवरटाइम अलाउंस मांगने की सलाह दी.
एक यूजर ने दावा किया कि किसी कर्मचारी को उसकी इच्छा के खिलाफ एक निश्चित जगह से बाहर जाने से रोकना ‘Wrongful Confinement’ के दायरे में आ सकता है. वहीं, एक अन्य यूजर ने मजाक करते हुए लिखा कि वह होता तो आराम से बैठ जाता और कहता कि अब सब साथ में रात को ही घर चलेंगे. हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से किए गए कानूनी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

टॉक्सिक वर्क कल्चर पर छिड़ी बहस

वायरल वीडियो ने बैंकिंग सेक्टर में काम के दबाव और लंबे वर्किंग आवर्स को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है. सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि कर्मचारियों से अतिरिक्त काम करवाने के लिए उन्हें कथित तौर पर ब्रांच के अंदर बंद करना गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए.
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई दे रहा बैंक कौन सा है और घटना किस शहर की है. बैंक प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों की ओर से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है. ऐसे में सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है.

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