केतन अग्रवाल हत्याकांड: ‘पत‍ि-पत्नी में कौन बड़ा कात‍िल?’, खुशबू पाटनी ने बताए चौंका देने वाले आंकड़े

पुणे का बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस इस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी है, वहीं सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तरह-तरह की बहस छिड़ी हुई है. अब इस पूरे मामले पर बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी ने अपना रिएक्शन दिया है. खुशबू ने एक वीडियो शेयर कर इस केस के बहाने समाज की एक कड़वी हकीकत को सामने रखा है.

उन्होंने दो अलग-अलग रिसर्च पेपर्स और सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि कैसे एक गलत लाइफ पार्टनर का सिलेक्शन किसी की जिंदगी को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है. 

वीडियो में खुशबू पाटनी ने क्या कहा?

खुशबू पाटनी ने वीडियो की शुरुआत में बताया कि वह हाल ही में दो बेहद महत्वपूर्ण रिसर्च पेपर पढ़ रही थीं. इनमें से एक एसएसआरएन (SSRN) का रिसर्च पेपर था और दूसरा इंटरनेशनल जर्नल आईजेसीआरटी (IJCRT) में पब्लिश हुआ था. उन्होंने बताया कि पहला रिसर्च पेपर ‘हसबैंड किल्ड बाय वाइफ्स’ (पत्नियों द्वारा पतियों की हत्या) पर आधारित था, जिसका टाइम फेज साल 2022 से 2025 तक का था. वहीं, दूसरा रिसर्च पेपर ‘किलिंग द इंटिमेट’ (अपने ही करीबी की हत्या) पर था, जो खासतौर पर लड़कियों से जुड़ा हुआ था और इसका टाइम फ्रेम साल 2010 से 2025 तक का था. खुशबू ने कहा कि ये लीगल रिसर्च वर्क हैं, इसलिए इनमें काफी सटीक बातें लिखी गई हैं.

शेयर किया एनसीआरबी का खौफनाक डेटा

पहले रिसर्च पेपर का जिक्र करते हुए खुशबू ने बताया कि इसमें लिखा है कि हर साल करीब 200 से 300 पतियों की हत्या उनकी पत्नियों द्वारा कर दी जाती है. इसके बाद उन्होंने लड़कियों से जुड़े दूसरे डेटा पर बात की. उन्होंने साल 2022 की एनसीआरबी (NCRB) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि आईपीएच (IPH) यानी ‘इंटिमेट पार्टनर होमिसाइड’ (अपने ही जीवनसाथी या पार्टनर द्वारा की जाने वाली हत्या) के तहत साल 2022 में 1 लाख 40 हजार मामले दर्ज किए गए हैं. खुशबू ने इस आंकड़े को बेहद खौफनाक बताते हुए कहा कि हर साल इतने बड़े पैमाने पर ऐसे मामले सामने आना वाकई हैरान करने वाला है.

सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा लड़कियों को लेकर बनाई जाने वाली धारणा पर खुशबू ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जब भी ऐसा कोई केस होता है, तो कई कंटेंट क्रिएटर्स आकर ज्ञान देने लगते हैं कि ‘जमाना खराब आ गया है, लड़कियां ऐसी हो गई हैं, वैसी हो गई हैं.’ इस पर जवाब देते हुए खुशबू ने कहा, ‘हम लड़कियां वैसी नहीं हैं. जहां तक सिया गोयल के केस का सवाल है, हम तो उसे लड़की मानने से ही इनकार करते हैं. हम कहते ही नहीं कि वह हमारी कैटेगरी का पार्ट है. हम तो बोलते ही नहीं कि वह एक औरत है.’ उन्होंने साफ किया कि किसी एक के गुनाह के लिए पूरी कैटेगरी को बदनाम करना बिल्कुल गलत है.

सिया को कड़ी सजा मिले

केतन अग्रवाल की हत्या की आरोपी सिया गोयल को लेकर खुशबू ने सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि यह बेहद आसान है कि किसी एक के आधार पर सबको एक जैसा कह दिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं होता. खुशबू ने मांग की कि, ‘बिल्कुल, जो कुछ भी उसने (सिया) किया है, उसे उसकी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. जो उसने किया, उसके साथ भी बिल्कुल वैसा ही होना चाहिए. मैं व्यक्तिगत रूप से इस बात की पूरी डिमांड करती हूं.’
खुशबू ने समाज के इस पूरे चक्र पर बात करते हुए एक बेहद गहरी और कड़वी बात कही. उन्होंने कहा, ‘अगर मैं आपको असलियत बताऊं, तो आज के समय में जो अच्छे लड़के हैं, उन्हें बुरी लड़कियां मार देती हैं. वहीं जो अच्छी लड़कियां हैं, उन्हें बुरे लड़के मार देते हैं. अगर ऐसा ही चलता रहा, तो अंत में इस दुनिया में सिर्फ बुरे-बुरे लोग ही बचेंगे और पूरी दुनिया में सिर्फ बुराई (इविल) का राज हो जाएगा.’

केतन ने नजरअंदाज किए इतने सारे ‘रेड फ्लैग्स’

इस केस की गहराई पर बात करते हुए खुशबू ने कहा कि आरोपी लड़की सिया ने केतन को कई बार ‘रेड फ्लैग्स’ दिखाए थे. उसने केतन का पासपोर्ट तक फाड़ दिया था. एक बार उसने केतन को किले से धक्का भी दे दिया था, जहां वह मुश्किल से पेड़ में अटक कर बच पाया था. केतन ने उस लड़की के साथ करीब 2000 घंटे बातचीत में बिताए थे. खुशबू ने हैरानी जताते हुए कहा, ‘इतने सारे रेड फ्लैग्स मिलने के बाद भी आप उसे देख नहीं पा रहे हो? ऐसा इसलिए है क्योंकि किसी ने सच ही कहा है कि प्यार वाकई अंधा होता है.’
वीडियो के अंत में खुशबू पाटनी ने युवाओं को एक बेहद जरूरी सलाह दी. उन्होंने कहा कि चाहे आप लड़के हों या लड़की, कृपया अपना पार्टनर चुनते समय बहुत सोच-समझकर फैसला लें. पार्टनर के साथ आपकी कंपैटिबिलिटी कैसी है और उसका बैकग्राउंड क्या है, इसका अच्छी तरह से पता लगा लें.

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