नाले में खड़े होकर काटा बर्थडे केक… आगरा में BJP पार्षद का अनोखा विरोध, बोले- 14 साल से नहीं हुई सफाई

आगरा स्मार्ट सिटी में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सत्ताधारी भाजपा के एक पार्षद ने ऐसा विरोध दर्ज कराया, जिसकी चर्चा शुरू हो गई है. मानसून से पहले नालों की सफाई के दावों के बीच वार्ड-12 के भाजपा पार्षद किशन नायक अपने क्षेत्र के एक नाले में उतर गए. वहीं उन्होंने अपना जन्मदिन मनाते हुए केक काटा. इस अनोखे प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

मामला आगरा के नगला धनी स्थित नई विजय नगर कॉलोनी का है. यहां लंगड़े की चौकी नाला जीवनी मंडी रोड से होकर आता है. करीब दो किलोमीटर लंबे इस नाले का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा भूमिगत है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले 14 वर्षों से भूमिगत हिस्से की ठीक से सफाई नहीं हुई है. नाले में एक से तीन फीट तक सिल्ट जमा हो चुकी है और खुले हिस्सों की भी स्थिति खराब है.

भाजपा पार्षद किशन नायक का कहना है कि उन्होंने नाले की सफाई को लेकर अब तक करीब 12 बार शिकायत की. उन्होंने नगर निगम के कई अधिकारियों से लेकर स्वास्थ्य विभाग और स्मार्ट सिटी प्रबंधन तक को समस्या से अवगत कराया. अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया, लेकिन सफाई का काम शुरू नहीं हो सका.
इसी से नाराज होकर गुरुवार को पार्षद अपने समर्थकों और क्षेत्रीय नागरिकों के साथ नाले पर पहुंचे. स्थानीय लोगों ने नाले के बीच एक मेज रखी और उसी पर जन्मदिन का केक सजाया गया. इसके बाद पार्षद ने नाले में खड़े होकर केक काटा. इस दौरान मौजूद लोगों ने नगर निगम प्रशासन और स्मार्ट सिटी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की.

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद हैं. पार्षद के नाले में खड़े होकर केक काटने पर लोग तालियां बजा रहे हैं, जबकि कई लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना रहे हैं. पार्षद किशन नायक ने आरोप लगाया कि स्वच्छ भारत अभियान के बावजूद उनके क्षेत्र की मलीन बस्तियों में सफाई व्यवस्था बदहाल है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई बार पत्र लिखकर और अधिकारियों से मिलकर समस्या उठाई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला.

पार्षद का कहना है कि सहायक नगर आयुक्त से लेकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों तक को शिकायत दी गई, मगर नाले की सफाई नहीं कराई गई. पार्षद ने यह भी कहा कि उन्होंने महापौर को भी पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया था. महापौर की ओर से संज्ञान लेने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई. उनका आरोप है कि जब जनप्रतिनिधियों और महापौर की बात तक नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता की समस्या का समाधान कैसे होगा.
फिलहाल नाले में उतरकर केक काटने का यह अनोखा विरोध चर्चा का विषय बना हुआ है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

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