ट्रम्प बोले- ईरान के साथ आज जंग खत्म हुई:वे कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे; ईरान बोला- अभी हमने कोई फैसला नहीं लिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है। एक वर्चुअल रैली में ट्रम्प ने अपने समर्थकों से यह बात कही। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
ईरान ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि शांति समझौते पर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है।
इससे पहले ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा था कि सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने नई डील को मंजूरी कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर इसी सप्ताह यूरोप में साइन हो सकता है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इसमें शामिल होंगे।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. अमेरिकी हमलों में 3 भारतीय नाविकों की मौत: अमेरिकी सेना ने 10 जून को ओमान तट के पास भारतीय क्रू मेंबर वाले सेटेबेलो जहाज पर हमला किया। गुरुवार को 3 भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई।
2. होर्मुज के पास 4 दिन में 3 जहाजों पर हमला: अमेरिकी सेना ने मैरीवेक्स, सेटेबेलो और जलवीर नाम के जहाज पर हमला किया। इन जहाजों पर करीब 70 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे।
3. भारत ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया : भारतीय क्रू वाले जहाज MT जलवीर पर हमले के बाद भारत ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया और जहाजों पर हमले तुरंत रोकने की मांग की।
4. ईरान पर सबसे बड़े हमले की धमकी: ट्रम्प ने ईरान के तेल ठिकानों पर कब्जा करने की धमकी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे आज रात ईरान पर सबसे बड़ा हमला करेंगे।
5. हमले से पलटे ट्रम्प: ट्रम्प ने 5 घंटे बाद सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले करने का फैसला रद्द कर दिया है। उनकी ईरानी लीडरशिप से बातचीत काफी आगे बढ़ गई है

लाइव अपडेट्स

ट्रम्प बोले- ईरान ने डील की जो शर्तें लीक कीं, उनका सच्चाई से लेना-देना नहीं

ट्रम्प ने कहा है कि ईरानी मीडिया ने डील की जिन शर्तों को सार्वजनिक किया है, उनका वास्तविक समझौते से कोई संबंध नहीं है।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान ने फेक न्यूज को जो शर्तें लीक की हैं, उनका लिखित रूप से तय हुई शर्तों से कोई लेना-देना नहीं है।”
उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से समझौते को लेकर जारी बयान “कमजोर और हास्यास्पद” है तथा उसमें कही गई बातें सच्चाई से मेल नहीं खातीं।
ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे जल्द अपना रवैया बदलना होगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरानी मीडिया ने दावा किया था कि संभावित समझौते में लेबनान युद्ध समाप्त करने, जमे हुए ईरानी फंड जारी करने और होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही बहाल करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

हिजबुल्लाह बोला- ड्रोन हमले में इजराइली सैनिक को मारा

हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके ड्रोन हमले में एक इजराइली सैनिक मारा गया। संगठन के मुताबिक दक्षिणी लेबनान के टायर जिले के चामा कस्बे में एक इमारत के भीतर मौजूद इजराइली सैनिकों को निशाना बनाया गया।
हिजबुल्लाह ने कहा कि हमले में अबाबील ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। संगठन ने यह भी दावा किया कि तायर हरफा इलाके में एक इजराइली सैन्य वाहन पर भी ड्रोन हमला किया गया।

अमेरिका का दावा- होर्मुज से 136 जहाजों को गुजरने से रोका

मेरिका ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में लागू नाकाबंदी के तहत अब तक 136 जहाजों को अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया है, जबकि 9 जहाजों को निष्क्रिय किया गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत और हवाई संसाधन क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त जारी रखे हुए हैं।
CENTCOM के मुताबिक यह कार्रवाई ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर लागू अमेरिकी नाकाबंदी का हिस्सा है। अप्रैल में शुरू की गई इस नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना कई कारोबारी जहाजों को रोक चुकी है।

नॉर्थ इजराइल में एयर रेड सायरन बजे

नॉर्थ इजराइल में शुक्रवार को एयर रेड सायरन बजाए गए। इजराइली सेना ने बताया कि लेबनान सीमा से सटे मेटुला इलाके में ‘संदिग्ध हवाई घुसपैठ’ की आशंका के बाद अलर्ट जारी किया गया। सेना के मुताबिक सायरन एक संभावित ‘होस्टाइल एयरक्राफ्ट इंकर्शन’ को लेकर एक्टिव किए गए।

नेतन्याहू बोले- जब तक मैं PM हूं, ईरान परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनके रहते ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जब तक मैं इजराइल का प्रधानमंत्री हूं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।”
उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों से वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान की अगुवाई कर रहे हैं। उनके मुताबिक अगर यह अभियान नहीं चलाया गया होता, तो ईरान अब तक ऐसे परमाणु बम बना चुका होता जिनसे इजराइल को निशाना बनाया जा सकता था।
नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ईरान का उद्देश्य यहूदी राष्ट्र को खत्म करना है और इसे रोकना उनके जीवन का मिशन रहा है। उन्होंने कहा, “जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, ऐसा नहीं होने दूंगा।”

इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के 3 गांव खाली करने को कहा

इजराइली सेना ने लेबनान के तीन गांवों सराफंद, तुफाहा और मजरात सिनाई लोगों को तुरंत इलाका खाली करने का आदेश दिया है।
सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने लोगों से जहरानी नदी के उत्तर में जाने को कहा और चेतावनी दी कि हिजबुल्लाह के ठिकानों के आसपास मौजूद रहना जानलेवा हो सकता है।

ईरान-US समझौते के बाद भी 3 बड़े मुद्दे बाकी

ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच तीन बड़े विवादित मुद्दे अभी सुलझने बाकी हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक इन विषयों पर अगले 60 दिनों के दौरान अलग से बातचीत होगी।
IRNA की रिपोर्ट के अनुसार लंबित मुद्दों में ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को जारी रखना, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना और युद्ध व संघर्ष से हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा तंत्र तैयार करना शामिल है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा समझौता ज्ञापन (MoU) में इन तीनों मुद्दों का अंतिम समाधान शामिल नहीं है। इसलिए दोनों पक्ष अगले दो महीनों में वार्ता जारी रखेंगे और इन मामलों पर सहमति बनाने की कोशिश करेंगे।

ईरान का दावा- होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा फुल कंट्रोल

अमेरिका के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका फुल कंट्रोल है। ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी एडमिरल हबीबोल्लाह सय्यारी ने कहा कि इस समुद्री मार्ग से कोई भी जहाज ईरान की अनुमति के बिना नहीं गुजर सकता।
सय्यारी ने अमेरिका के उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि हालिया हमलों में ईरानी नौसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ईरान आज भी क्षेत्र में प्रभावी सैन्य क्षमता रखता है।

अमेरिकी राजनयिक 45 मिनट बाद विदेश मंत्रालय से निकले
अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स शुक्रवार को करीब 45 मिनट तक विदेश मंत्रालय (MEA) में रहे। उन्हें ओमान तट के पास भारतीय क्रू वाले कारोबारी जहाजों पर हुए हमलों को लेकर भारत की ओर से तलब किया गया था।
ANI के मुताबिक विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी पक्ष के समक्ष भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई और कमर्शियल जहाजों पर हो रही सैन्य कार्रवाइयों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

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