पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस को अपने ही सांसदों और विधायकों के असंतोष का सामना करना पड़ रहा है. बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार का असंतोष खुलकर सामने आ गया है. काकोली घोष ने हाल ही में टीएमसी के बारासात जिलाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने अब पार्टी संगठन में अन्य सभी पदों से भी इस्तीफा दे दिया है.
काकोली घोष ने टीएमसी संगठन में सभी पदों से अपना इस्तीफा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजा है. काकोली घोष ने सुब्रत बख्शी को लिखे पत्र में कहा है कि पार्टी संगठन में सभी पद छोड़ रही हूं. हालांकि, काकोली घोष ने टीएमसी की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया. काकोली घोष टीएमसी से लोकसभा की सदस्य बनी हुई हैं.
काकोली घोष पिछले कुछ दिनों से टीएमसी से नाराज चल रही हैं. पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी की हार के कुछ ही दिनों बाद ममता बनर्जी ने काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा में चीफ व्हिप के पद से हटा दिया था. ममता बनर्जी ने चीफ व्हिप की जिम्मेदारी काकोली घोष से वापस लेकर कल्याण बनर्जी को सौंप दी थी.
ममता बनर्जी के इस कदम से काकोली घोष आहत और नाराज चल रही हैं. काकोली घोष ने सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी. काकोली घोष को टीएमसी के चीफ व्हिप से हटाए जाने के कुछ ही घंटों में केंद्र सरकार ने उनको वाई सिक्योरिटी दे दी थी. ऐसा तब था, जब अभिषेक बनर्जी से लेकर टीएमसी के तमाम नेताओं की सिक्योरिटी में कटौती की गई थी.
एक दिन पहले ही काकोली घोष टीएमसी के छह विधायकों के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में भी शामिल हुई थीं. काकोली घोष टीएमसी की स्थापना के पहले से ममता बनर्जी की करीबी रही हैं.
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