सुखेंदु समेत 3 पूर्व TMC सांसद BJP में शामिल, ममता बनर्जी को तगड़ा झटका

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी को एक बहुत बड़ा झटका लगा है. टीएमसी के तीन वरिष्ठ नेताओं और राज्यसभा सांसदों ने BJP का दामन थाम लिया है.
बीजेपी में शामिल होने वाले इन तीन प्रमुख नेताओं में सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक के नाम शामिल हैं. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्य बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं के बीजेपी जॉइन करने की आधिकारिक घोषणा की है. बीजेपी नेता शमिक भट्टाचार्य ने बताया कि तीनों नेताओं ने आज ही आधिकारिक तौर पर बीजेपी की सदस्यता ली है. बता दें कि इन नेताओं ने बीजेपी में शामिल होने से पहले राज्यसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दिया था. 

ये तीनों MP ऐसे दिग्गज हैं…’

शमिक भट्टाचार्य ने सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक को बीजेपी का पट्टा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया. इस दौरान शमिक ने कहा, ’34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का राज था, उसके बाद तृणमूल कांग्रेस का. पश्चिम बंगाल में इतने लंबे समय तक चली पॉलिटिक्स ने हमारे फेडरल स्ट्रक्चर को चुनौती दी और उसे नकार दिया, सेंटर के साथ सहयोग करने के बजाय, टकराव का रास्ता अपनाया गया, जिससे सारा डेवलपमेंट रुक गया.’
उन्होंने आगे कहा,  ‘इसी बैकग्राउंड में और नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में अपना भरोसा रखते हुए, तीन सांसदों ने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. आज, ये तीनों- सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बड़ाइक और सुखेंदु शेखर रॉय- बीजेपी में शामिल हो गए हैं… ये तीनों MP ऐसे दिग्गज हैं जिनका राज्यसभा में परफॉर्मेंस सबको पता है…’

तीनों नेताओं का बीजेपी में स्वागत

तीनों नेताओं का स्वागत करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘ये हमारे लिए खुशी का मौका है और पूरी BJP खुश है. बीजेपी की ओर से, और इसके स्टेट प्रेसिडेंट के तौर पर, मैं, हमारे वर्कर्स, चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी, पूरी कैबिनेट, और हमारे पूरे ऑर्गनाइजेशन के साथ- इन तीनों लोगों का दिल से और बहुत खुशी के साथ स्वागत करता हूं.’

‘ ममता बनर्जी खत्म हो चुकी हैं’

BJP में शामिल होने के बाद, TMC के पूर्व राज्यसभा MP सुखेंदु शेखर रॉय ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘शायद ही किसी भारतीय राज्य में 96-97 परसेंट वोटिंग हुई हो, जैसा कि हमारे प्रेसिडेंट ने इस चुनाव के बारे में कहा. ममता बनर्जी खत्म हो चुकी हैं; उनकी पार्टी खत्म हो चुकी है. इसलिए, इस पर और चर्चा करना बेकार है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘दूसरे राज्यों में, सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियां आमतौर पर विकास, तरक्की या खास एजेंडा लागू करने के लिए मिलकर केंद्र सरकार से संपर्क करती हैं. लेकिन, यहां हमने बंद, हड़ताल और जुलूस के जरिए केंद्र का विरोध दिखाने पर ध्यान दिया. इससे बंगाल की तीन पीढ़ियां बर्बाद हो गईं, जिनके पास मौके थे, वो राज्य छोड़कर भाग गए. जबकि भारत के ज्यादातर राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और रोडमैप को मानने के लिए आगे आए, हम चोरी में बिजी थे. हम लुटेरों और बलात्कारियों को बचा रहे थे.’

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