अमेरिका से एक बड़ी खबर आई है. ईरान से फिर तेज हुई जंग के बीच US सीनेट ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले एक विधेयक को संशोधित किया है. इसके तहत रूसी तेल और गैस के खरीदारों पर प्रस्तावित टैरिफ में बड़ी कटौती (US Tariff Cut) की गई है. इस बदलाव से रूसी तेल के सबसे बड़े आयातकों पर दबाव कम हो सकता है, जो भारत और चीन हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की ओर से रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक में बदलाव का ये प्रस्ताव भारत और चीन के लिए राहत भरा है. रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने मंगलवार को कानून का एक बिल पेश किया, जो रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अधिकतम टैरिफ को पहले के 500% के व्यापक टैरिफ के प्रस्ताव से घटाकर 100% कर देता है. संशोधित विधेयक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतिबंधों को माफ करने की शक्ति भी देता है, अगर उन्हें लगे कि ऐसा करना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है.
रूसी तेल के टॉप-5 खरीदारों पर लागू
अमेरिकी सीनेट में पेश किया गया ये संशोधित विधेयक भारत और चीन के साथ-साथ रूस से कच्चे तेल की खरीद करने वाले पांच टॉप खरीदारों पर लागू होगा. यह विधेयक, जिसे मूल रूप से दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने पेश किया था, को दोनों दलों का समर्थन प्राप्त है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान में इस संशोधित विधेयक के 26 सह-प्रायोजक हैं और कांग्रेस में आगे बढ़ने के साथ-साथ और अधिक समर्थन मिलने की उम्मीद है. रॉयटर्स के मुताबिक, इसके पारित होने की संभावना मूल प्रस्ताव की तुलना में ज्यादा है.
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