अमेरिकी वित्त विभाग के अधिकारी स्कॉट बेसेंट ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे टैरिफ की उम्मीदें फिर से जाग गई हैं. वह भी ऐसे समय में जब अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ प्लान को गलत ठहराया है और कहा है कि मनमाने तरीके से टैरिफ नहीं लगाया जा सकता है.
हालांकि, अब अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने टैरिफ को लेकर नया संकेत दे दिया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ नीति के मामले में झटका लगा होगा, लेकिन कुछ महीनों में टैरिफ फिर से लागू हो जाएंगे. यह बयान तब आया है जब पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका ने टैरिफ वसूली रोक दी थी, जिसमें कहा गया था कि ये शुल्क गैरकानूनी हैं.
इससे पहले अमेरिका ने भारत पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था. रूसी तेल खरीदने पर लगने वाला 25 प्रतिशत जुर्माना बाद में हटा दिया गया था. अब आशंका जताई जा रही है कि भारत समेत बाकी देशों पर फिर से बेस टैरिफ लागू हो सकता है.
जुलाई तक आ सकता है टैरिफ
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन में वॉल स्ट्रीट जर्नल के एक कार्यक्रम में बेसेंट ने कहा कि टैरिफ नीति के मामले में हमें सुप्रीम कोर्ट में झटका लगा है, लेकिन हम धारा 301 के तहत अध्ययन लागू करेंगे या संचालित करेंगे, इसलिए जुलाई की शुरुआत तक टैरिफ पहले के स्तर पर वापस आ सकते हैं.
बेसेंट ने कहा कि धारा 301 के तहत टैरिफ लगाने के अधिकार की कोर्ट में जांच हो चुकी है, और अब कारोबारी नेता कैपिटल एक्सपेंडेचर से संबंधित योजना बनाने और फैसला लेने में सक्षम होंगे. सुप्रीम कोर्ट द्वारा इमरजेंसी पॉवर का उपयोग करके शुल्क लगाने को असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद ट्रंप टैरिफ नीति को बहाल करने के लिए अलग-अलग अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
टैरिफ का रिफंड जारी करने का आदेश
गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत अमेरिकी सरकार ने टैरिफ पेमेंट के तौर पर 130 अरब डॉलर से ज्यादा का अमाउंट जुटाया था. लेकिन फिर कोर्ट ने इसे गैरगानूनी करार देते हुए सरकार को टैरिफ का भुगतान करने वाली कंपनियों को रिफंड जारी करने का आदेश दिया था.
ईरानी तेल पर क्या बोले अमेरिकी अधिकारी?
गुरुवार को बेसेंट ने ईरानी तेल खरीदने के खिलाफ देशों को चेतावनी भी दी. व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा कि हमने देशों को बता दिया है कि अगर आप ईरानी तेल खरीद रहे हैं, या आपके बैंकों में ईरानी पैसा जमा है, तो हम कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं. अमेरिका ने कहा कि वह उस प्रतिबंध छूट को आगे नहीं बढ़ाएगा जिसके तहत भारत जैसे देशों को रूसी या ईरानी तेल खरीदने की अनुमति थी.
ट्रंप ने ईरान को हथियार सप्लाई करने वाले देशों को चेतावनी भी दी थी. ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करने वाले किसी भी देश पर अमेरिका को बेचे जाने वाले सभी सामानों पर तुरंत 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया जाएगा, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
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