बिहार की सियासत एक नई करवट लेती दिख रही है. नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बन गए हैं और अब मुख्यमंत्री पद छोड़कर दिल्ली की राजनीति में किस्मत आजमाएंगे. नीतीश के सीएम की कुर्सी छोड़ने से पहले जेडीयू के बाहुबली विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय की मुश्किलें बढ़ने लगी और कानूनी शिकंजा कसता जा रहा.
पप्पू पांडेय को सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी माना जाता है. गोपालगंज के कुचायकोट सीट से चौथी बार विधायक हैं, लेकिन सत्ता परिवर्तन की आहट के साथ पप्पू पांडेय की सियासी मुश्किलें बढ़ गई है. भू-माफियाओं को संरक्षण देने और अवैध जमीन कब्जा करने के गंभीर आरोपों में विधायक अमरेंद्र सिंह और उनके भाई बाहुबली सतीश पांडेय की तलाश पुलिस कर रही है.
बता दें कि स्थानीय अदालत ने विधायक पप्पू पांडेय सहित तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. इस मामले में पुलिस ने पप्पू पांडेय और उनके भाई की तलाश कर रही है. अब किसी भी क्षण विधायक पप्पू पांडेय,उनके बड़े भाई और बाहुबली सतीश पांडेय तथा राहुल तिवारी को गिरफ्तार कर सकती है.
जेडीयू के बाहुबली विधायक की बढ़ी मुश्किलें?
बिहार में जेडीयू के विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. जेडीयू विधायक पप्पू पांडेय और सतीश पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने भू-माफियाओं को न केवल संरक्षण दिया. बल्कि जमीन संबंधी अवैध कार्यों में उनकी मदद भी की. जांच के बाद पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट से वारंट प्राप्त किया है. ऐसे में कोर्ट से विधायक और उनके भाई के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट मिलने के बाद से पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है.
गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जेडीयू विधायक और उनके भाई की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया है. ये टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी के लिए रवाना हो चुकी हैं. पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है.
पप्पू पांडेय का विवादों से पुराना नाता
पप्पू पांडेय की गिनती बिहार के रसूखदार और बाहुबली विधायकों में होती है.इससे पहले भी कई विवादों में उनका नाम आता रहा है. हालांकि इस बार भू-माफियाओं से जुड़ा मामला उनके लिए बड़ी मुसीबत बढ़ गई है, क्योंकि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है.
अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय गोपालगंज जिले की कुचायकोट विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार विधायक हैं. उन्होंने अपना राजनीतिक करियर निर्दलीय और अन्य दलों के साथ शुरू किया था. लेकिन वर्तमान में वे जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख स्तंभों में से एक माने जाते हैं. उनके परिवार का गोपालगंज और आस-पास के जिलों (सीवान और देवरिया) में बड़ा राजनीतिक रसूख है. उनके बड़े भाई सतीश पांडेय और भतीजे मुकेश पांडेय भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं.
अपहरण, रंगदारी जैसे गंभारी आरोप
पप्पू पांडेय की पहचान एक बाहुबली नेता की रही है. उन पर हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं. हालांकि वे खुद को जनता का सेवक बताते रहे हैं. गोपालगंज का चर्चित तिहरा हत्याकांड हो या हालिया भू-माफियाओं को संरक्षण देने का मामला, पप्पू पांडेय का नाम अक्सर विवादों से जुड़ता रहा है. इन सबके बावजूद अपने क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ और जातीय समीकरणों पर नियंत्रण के कारण वे अब तक अजेय रहे हैं, लेकिन बिहार की राजनीतिक परिवर्तन के साथ ही उनकी सियासी संकट गहराने लगा है.
विधायक की तलाश में पुलिस की छापेमारी
बिहार पुलिस ने सोमवार की सुबह विधायक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की,लेकिन विधायक और उनके भाई सतीश पांडेय वहां नहीं मिले. बताया जा रहा है कि इस रेड में पांच थानों की पुलिस थी.यह पूरा मामला फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन कब्जाने से जुड़ा है और भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप भी उनपर लगा है.
पुलिस ने इस मामले में पहले ही सिवान निवासी भोला पांडेय समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर विधायक और उनके भाई को साजिशकर्ता के रूप में नामजद किया गया. इसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए गैरजमानती वारंट लिया गया. हालांकि, विधायक और उनके भाई अंडरग्राउंड हो चुके हैं, लेकिन उनके संभावित ठिकानों पर पुलिस लगातार दबिश दे रही है.
![]()