अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप दावा ठोक रहे हैं कि जंग रुकवाने के लिए ईरान से बात चल रही है, उधर ईरान ने अपनी शर्तें रख दी हैं. ईरान ने कहा है कि जंग तब तक नहीं रुकेगी जब तक उसकी तीन शर्तें पूरी नहीं हो जातीं. ईरान ने साफ़ किया कि वो ये सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में दोबारा अमेरिका का हस्तक्षेप न हो.
रिपोर्ट के मुताबिक़, सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने एक इंटरव्यू दिया. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने जंग रोकने के लिए तीन शर्तें रखीं-
• ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं
• अमेरिकी हमले में ईरान का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाए
• अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ये सुनिश्चित किया जाए कि अमेरिका दोबारा कभी ईरान के मामले में नहीं पड़ेगा
मोहसिन रजाई ने ईरान के रुख को भी साफ़ किया. उन्होंने बताया कि इस बार ईरान सिर्फ हमले का जवाब नहीं देना चाहता है. इस बार वो ये सुनिश्चित करना चाहता है कि भविष्य में कोई भी देश सामने से हमला करने से पहले सोचे. उन्होंने अपने बयान में कहा,
‘इस बार ईंट का जवाब ईंट से नहीं पत्थर से देंगे.’
उन्होंने बताया कि उनकी मिलिट्री पूरी ताकत के साथ जंग लड़ रही है. इससे ये भी समझ आता है कि हफ़्तों के जंग के बाद भी ईरान का मनोबल कमज़ोर नहीं पड़ा है.
मोहसिन रजाई ने जंग ख़त्म होने के आसार पर भी बात की. उनका कहना है कि शुरुआती फेज में ही जंग ख़त्म होने के कगार पर थी. उन्होंने दावा किया कि ट्रंप सीज़फायर करना चाहते थे, लेकिन बेंजामिन नेतन्याहू ने जंग जारी रखने को कहा. उनके मुताबिक़ अमेरिका को पहले ही ये एहसास हो चुका था कि जंग में उनकी जीत नहीं हो सकती, फिर भी इज़रायल के कहने पर हमला किया.
ट्रंप का दावा, ईरान ने ठुकराया
मोहसिन रजाई का ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है, जिसमें ट्रंप ने दावा किया था कि कुछ दिनों से वाशिंगटन और तेहरान के बीच जंग रोकने की बात चल रही है. इसका मकसद मिडिल ईस्ट में मिलिट्री टेंशन को पूरी खत्म करना है. इसके बाद उन्होंने एलान कर दिया कि ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी स्ट्रक्चर्स पर होने वाले सारे हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया जाए. हालांकि ईरान ने ट्रंप के दावों को झूठा बताकर ऐसी किसी बातचीत से इंकार किया है.
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