ईरान ने 2 भारतीय टैंकरों को बख्शा, फिर थाईलैंड वाले पर अटैक किया, दिल्ली से गया था फोन

ईरान ने भारतीय टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी है. यह फैसला विदेश मंत्री स्तर पर बातचीत के बाद लिया गया. इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि दो भारतीय टैंकर होर्मुज से सुरक्षित गुजरे हैं, जबकि अमेरिका, यूरोप और इजराइल के जहाजों पर अभी भी रोक लगी हुई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 11 मार्च की देर रात अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से बात की. ईरान युद्ध के बाद यह उनकी तीसरी बातचीत थी. इस बातचीत का मकसद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत आने वाले तेल और गैस के जहाजों को हमले से बचाना था. दोनों नेताओं की बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया में हुए नए डेवलपमेंट पर भी बात हुई, जिसमें होर्मुज के रास्ते भारतीय टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही प्रमुख मुद्दा रहा.

बुधवार, 12 मार्च को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष से भी बात की. ‘X’ पर उन्होंने लिखा, 
“रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ फोन पर अच्छी बातचीत हुई. हमने पश्चिम एशिया संघर्ष और उससे जुड़े डिप्लोमैटिक प्रयासों पर अपने विचार साझा किए. साथ ही, हमने द्विपक्षीय सहयोग के एजेंडे की भी समीक्षा की.”

थाई जहाज पर हमला 

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से रवाना होने के तुरंत बाद थाईलैंड के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज पर हमला किया गया. बुधवार, 11 मार्च को रॉयल थाई नेवी ने यह जानकारी दी. यह जहाज गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था, तभी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय उस पर हमला हुआ. रॉयल थाई नेवी के एक बयान के मुताबिक, ओमानी नेवी ने थाई जहाज से 20 नाविकों को बचाया और अभी बाकी तीन क्रू मेंबर्स को बचाने की कोशिशें चल रही हैं.

भारत ने इस बात पर दुख जताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच कमर्शियल शिपिंग को मिलिट्री हमलों का निशाना बनाया जा रहा है. गृह मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, 
“इस संघर्ष में ऐसे कई हमलों में भारतीय नागरिकों समेत कई कीमती जानें जा चुकी हैं और हमलों की तेजी और जानलेवापन बढ़ता ही जा रहा है.”
बयान में आगे कहा गया कि भारत इस पक्ष में है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाने और बेगुनाह सिविलियन क्रू मेंबर्स को खतरे में डालने, या किसी और तरह से नेविगेशन और कॉमर्स की आजादी में रुकावट डालने से बचना चाहिए.

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