मिडिल-ईस्ट में जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि वे जब चाहें ईरान को तबाह कर सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि मौजूदा सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिका के लिए अब ईरान में निशाना बनाने के लिए कुछ भी बचा नहीं है. इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे ईरान में कम से कम दो और हफ्तों तक हमले जारी रखने की तैयारी कर रहे हैं.
ईरान में युद्ध अब छोटी बातें: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (11 मार्च 2026) को एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘ईरान में युद्ध अब छोटी बातें हैं. जब भी मैं चाहूं, यह जंग खत्म हो जाएगा.’ ट्रंप ने भले ही सार्वजनिक रूप से ये संकेत दिया है कि उन्होंने इस अभियान मं अपने उद्देश्यों को काफी हद तक हासिल कर लिया है, लेकिन अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों का कहना है कि लड़ाई कब बंद होगी, इस बारे में कोई आंतरिक निर्देश नहीं दिया गया है.
इतना आसानी से नहीं बच पाएगा ईरान: ट्रंप
ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा, ‘वे मिडिल ईस्ट के बाकी हिस्सों पर कब्जा करना चाहते थे. 47 सालों में उन्होंने जो मौत और तबाही मचाई, उसका खामियाजा अब भुगत रहे हैं. यह बदला है. वे इतनी आसानी से बच नहीं पाएंगे.’ पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बीच, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कच्चे तेल और गैस के ट्रांसपोर्टेशन में आई बाधाओं के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है.
ईरान के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से बात की
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ फोन पर बात की. उन्होंने आक्रामक हमले और अमेरिकी-इजरायली युद्ध अपराधों के अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से बात करते हुए इस बात पर जोर दिया कि इन हमलों के दौरान, स्कूल, अस्पताल, और रिहायशी इलाकों के साथ-साथ इमारतों और ऐतिहासिक स्मारकों सहित आम जगहों को निशाना बनाया गया था.
गुटेरेस ने इलाके में झगड़ों को फैलने से रोकने और इसके मानवीय और सुरक्षा नतीजों को कम करने की कोशिशों की जरूरत का भी जिक्र किया.यूएन रिपोर्ट में सेक्रेटरी-जनरल की अराघची के साथ हुई टेलीफोन कॉल के बारे में बताया गया, उन्होंने इलाके में मौजूदा मिलिट्री बढ़ोतरी पर चर्चा की.
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