नई दिल्ली. बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार सीएम बनने जा रहे हैं. उन्हें एनडीए की बिहार में बंपर जीत के बाद विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. संभव है कि गुरुवार को वह 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लें. नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की सैलरी तो मिलेगी ही लेकिन उन्हें सांसद होने की पेंशन भी मिलेगी. इसके अलावा जब वो मुख्यमंत्री पद से हटेंगे तो विधायक के तौर पर उनके कार्यकाल के लिए भी उन्हें पेंशन मिलेगी.
इस तरह से नीतीश कुमार को रिटायरमेंट के बाद एक नहीं 2-2 पेंशन का लाभ मिलेगा. इसी के साथ उन्हें हर 6 महीने पर बढ़ने वाले महंगाई भत्ते का भी लाभ होगा. लेकिन ऐसा नहीं है कि नीतीश कुमार 10 बार विधायक बने तो उन्हें 10 गुना पेंशन मिलेगी. आइए विस्तार से समझते हैं कि नीतीश कुमार के पास रिटायरमेंट के बाद कितना पैसा पेंशन के तौर पर आएगा.
सांसद की पेंशन
नीतीश कुमार 1989 से लेकर 2004 में चुनाव हारने तक वो सांसद रहे. अगर कोई व्यक्ति 1 दिन भी सांसद रह जाता है तो उसे 31000 रुपये पेंशन मिलती है. 5 साल कार्यकाल का पूरा करने के बाद वह जितने भी साल सांसद रहेगा. उतने सालों के लिए हर साल उसकी पेंशन में 2500 रुपये प्रतिमाह जुड़ते चले जाएंगे. इस लिहाज से नीतीश कुमार को 31000+37500=68500 रुपये की पेंशन बतौर सांसद अभी मिल रही होगी है. इसमें डीए भी एक फैक्टर होता है जिसे सरकार हर 6 महीने में तय करती है. इसलिए उनकी पेंशन 68500 रुपये से थोड़ी ज्यादा भी हो सकती है.
मुख्यमंत्री के तौर पर सैलरी
नीतीश कुमार को 2.5 लाख रुपये मिलेंगे. हालांकि, उनकी सैलरी में आवास, दफ्तर, सुरक्षा और विधायकों से जुड़ी सुविधाएं भी होती हैं. इसी तरह हर मंत्री को भी 65,000 रुपये मासिक सैलरी और 70,000 रुपये क्षेत्रीय भत्ता मिलता है.
विधायक की पेंशन
अब बात नीतिश कुमार की विधायक के तौर पर पेंशन की. नीतीश कुमार ज्यादातर विधान परिषद के तौर पर ही विधानसभा में पहुंचे हैं. उन्हें विधान पार्षद कहा जाता है. हालांकि, दोनों की पेंशन बराबर ही होती है. बिहार में विधायक को 45000 रुपये पेंशन मिलती है. 1985 में वह पहली बार विधायक बने. इसलिए पहले टर्म की 45000 रुपये पेंशन उनकी तय है. उसके बाद 1989 में वो दिल्ली आ गए और फिर 2004 से दोबारा उन्होंने विधान पार्षद के तौर पर बिहार में अपनी दूसरी पारी शुरू की. विधायक की पेंशन की गणना भी कुछ-कुछ सांसद जैसी ही होती है. नीतीश कुमार को अब फिर से 45000 रुपये की पेंशन नहीं मिलेगी. बल्कि उनकी पेंशन हर साल 4-4 हजार रुपये बढ़ती चली जाएगी. 2005 से 2025 तक वह 21 साल विधायक रहे हैं. तो इस पीरियड के लिए उनकी पेंशन बनी 840000 रुपये. इसमें 45000 रुपये पहली पेंशन को जोड़ दीजिए तो अभी तक के कार्यकाल के लिए उनकी पेंशन 1,38,000 रुपये हुई. सांसद और अभी तक की विधायक की पेंशन मिलाकर कुल रकम 2,03,000 रुपये हुई. यह अभी भी उनकी सैलरी से कम है.
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