इस्लामाबाद: तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने काबुल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए शनिवार रात पाकिस्तान पर किए गये हमले की जानकारी दी है। उन्होंने अफगान बलों के हमले में 58 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत का दावा किया है। दूसरी तरफ अफगानिस्तान के हमले से पाकिस्तान में सनसनी मची हुई है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी इस दौरान भारत और अफगानिस्तान को गीदड़भभकी दी है। उन्होंने कहा है कि “पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता से कभी समझौता नहीं करेगा।”
जरदारी का यह बयान अफगानिस्तान की सीमा से किए गये जबरदस्त हमलों और 58 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत के बाद आया है। इस दौरान जरदारी ने अपनी सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
जरदारी की तालिबान-भारत को गीदड़भभकी
इस दौरान जरदारी ने तालिबान और भारत के संबंध को लेकर ‘इस्लाम और कश्मीर’ कार्ड खेलने की भी कोशिश की। उन्होंने तालिबान पर कश्मीरी जनता के संघर्ष की अनदेखी कर मुस्लिम दुनिया के साथ “विश्वासघात” करने का आरोप लगया है। जरदारी ने जहर उगलते हुए कहा कि “जो लोग कश्मीर की वास्तविकता को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, वे इतिहास और न्याय दोनों से मुंह मोड़ रहे हैं।” जरदारी का ये बयान भारत और तालिबाने के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद जारी एक ज्वाइंट स्टेटमेंट को लेकर हुआ है। जिसमें तालिबान के नेता ने भारत का कश्मीर को लेकर पूरा समर्थन दिया है।
आतंकवादियों को शरण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान के पास ऐसे ठोस सबूत हैं जो यह दर्शाते हैं कि हाल के कई हमले अफगान धरती से संचालित हुए।” उन्होंने आरोप लगाया कि “चरमपंथी समूहों को भारत से समर्थन मिल रहा है” और ये नेटवर्क पाकिस्तान के नागरिकों और सुरक्षाबलों को निशाना बना रहे हैं। राष्ट्रपति ने अफगान सरकार से मांग की कि वह अपनी जमीन से संचालित हो रहे आतंकी अड्डों पर त्वरित कार्रवाई करे। आपको बता दें कि काबुल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी पाकिस्तान पर आतंकवादियों को शरण देने का आरोप लगाया था और ISIS आतंकवादियों के सेंटर को खत्म करने का पाकिस्तान से आह्वान किया है।
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