ईरान नहीं आएगा? वार्ता के लिए पलकें बिछाकर इंतजार कर रहे पाकिस्तान ने क्या कहा

22 अप्रैल को खत्म हो रहे सीजफायर से ठीक पहले अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी के तहत ओमान की खाड़ी में एक ईरानी जहाज पर कब्जा लिया जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी जहाजों पर ड्रोन बरसाए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद कर दिया. तनाव के बीच ईरान दूसरे दौर की वार्ता में शामिल होने में रुचि नहीं दिखा रहा. लेकिन मध्यस्थता प्रक्रिया से जुड़े पाकिस्तान के दो सूत्रों ने सोमवार को कहा कि ईरान वार्ता में हिस्सा लेगा.

तुर्की की सरकारी न्यूज एजेंसी अनादोलु एजेंसी से बात करते हुए पाकिस्तानी सूत्रों ने बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच सकता है. हालांकि, तेहरान ने अभी तक अमेरिका के साथ दूसरे दौर की वार्ता में अपनी भागीदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
उम्मीद है कि ईरान की तरफ से वही प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा, जिसने इस महीने की शुरुआत में पहले दौर की वार्ता में हिस्सा लिया था. उस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई ईरानी संसद के अध्यक्ष बाघेर गालिबाफ ने की थी और उसमें विदेश मंत्री अब्बास अरागची भी शामिल थे.
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई शायद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे. इसमें विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल होंगे. सूत्रों के मुताबिक, यह प्रतिनिधिमंडल सोमवार देर रात या मंगलवार को इस्लामाबाद पहुंच सकता है, जबकि वेंस अलग से पहुंच सकते हैं.

वार्ता के लिए रविवार को ही दो विमानों में इस्लामाबाद पहुंचे अमेरिकी डेलिगेट्स

अमेरिका की ओर से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान दौरे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. पाकिस्तानी सूत्रों ने बताया कि ‘एडवांस डेलीगेट्स’ और सुरक्षा कर्मियों को लेकर कम से कम दो अमेरिकी विमान रविवार को ही इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई थी और दूसरे दौर की वार्ता भी यहीं होनी है.
इसी संबंध में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने सोमवार को इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास का दौरा किया और आगामी वार्ता की सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा की. यह जानकारी पाकिस्तान टेलीविजन ने दी.

युद्धविराम खत्म होने से ठीक पहले अमेरिका-ईरान में बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल को 14 दिनों का युद्धविराम हुआ था जो 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है. इसके खत्म होने से ठीक पहले दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, हालांकि फिर भी दोनों पक्ष बातचीत की टेबल पर आ सकते हैं. 
इसे देखते हुए पाकिस्तान ने राजधानी इस्लामाबाद के साथ सटे सैन्य शहर रावलपिंडी में भी सुरक्षा कड़ी कर दी है. शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं और हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.

पाकिस्तान ने 11-12 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच 1979 के बाद पहली हाई लेवल मीटिंग की मेजबानी की थी. उसी साल ईरान में इस्लामिक क्रांति के बाद अमेरिका ने ईरान के साथ अपने रायनयिक संबंध तोड़ लिए थे. हालांकि, वो वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी थी.
सीजफायर के बीच सोमवार को दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया, जब अमेरिका ने एक ईरानी जहाज को कब्जे में ले लिया. ईरान ने भी फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया. इससे दूसरे दौर की वार्ता पर संकट के बादल छा गए हैं.

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