पाकिस्तानी पत्रकारों ने ऐसी क्या हरकत की जिससे भड़क गया अमेरिकी दल, कहा- हमारा गलत इस्तेमाल किया गया

अमेरिका-ईरान के बीच शांति की कोशिश में जुटे पाकिस्तान में एक बड़ा विवाद बवंडर बन गया है. इस्लामाबाद में पाकिस्तानी पत्रकारों ने विदेशी पत्रकारों को प्रेस क्लब में इनवाइट किया था. ये कार्यक्रम पूरी तरह से गोपनीय और अनौपचारिक था. विदेशी पत्रकारों को सिर्फ यह कहकर बुलाया गया था कि ये कार्यक्रम केवल जान-पहचान और बातचीत के लिए है. 

पत्रकारों का कार्यक्रम बन गया राजनीतिक

लेकिन देखते ही देखते प्रोग्राम ने राजनीतिक रंग ले लिया. इसमें विदेशी पत्रकारों के सामने ही पाकिस्तान की सरकारी नीतियों और जनरल आसिम मुनीर की सैन्य व्यवस्था पर जमकर हमला बोला गया. ये विदेशी पत्रकार,अमेरिका-ईरान संभावित शांति वार्ता को कवर करने पाकिस्तान पहुंचे थे, इनमें कुछ को डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माना जाता है. पत्रकारों को इस्लामाबाद प्रेस क्लब में एक अनौपचारिक मुलाकात के नाम पर आमंत्रित किया गया था.

अमेरिकी पत्रकार बोलीं- उनका इस्तेमाल किया गया

इस कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी पत्रकार कैटलिन डोर्नबोस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा कि ‘उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उनका ‘इस्तेमाल किया गया है और उन्हें धोखा दिया गया’ है.  डोर्नबोस के अलावा अल जज़ीरा, सीएनएन और अन्य संस्थानों के वरिष्ठ पत्रकार भी इसमें शामिल थे.

इस दौरान पाकिस्तान के दो प्रमुख सरकार-विरोधी पत्रकार मतीउल्लाह जान और असद अली तूर भी मंच पर पहुंचे और देश में प्रेस की आजादी की स्थिति पर खुलकर सवाल उठाए. उन्होंने पत्रकारों के कथित उत्पीड़न, शहबाज शरीफ सरकार की नीतियों और कथित फर्जी मुठभेड़ों जैसे मुद्दों पर गंभीर आरोप लगाए.

राजनीतिक बयान के साथ जारी हुई ग्रुप फोटो

विदेशी पत्रकारों के लिए यह घटनाक्रम अप्रत्याशित था. विवाद तब और बढ़ गया, जब इस कार्यक्रम की एक ग्रुप फोटो को एक राजनीतिक बयान के साथ जारी किया गया, जिसमें सरकार के खिलाफ कई आरोप लगाए गए थे. इन तस्वीरों को इस तरह प्रस्तुत किया गया मानो विदेशी पत्रकार भी इन आरोपों से सहमत हों.
बयान में नेशनल प्रेस क्लब (NPC) के लोगो का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह कार्यक्रम ऑफिशियल जैसा लगा. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेशी पत्रकारों को एक शील्ड भी भेंट की गई, जिस पर कथित रूप से भारतीय झंडा बना हुआ था.

हमें मेहमान देश में सरकार का आलोचक बना दिया’ 

न्यूयॉर्क पोस्ट की पत्रकार कैटलिन डोर्नबोस, जिन्हें ट्रंप समर्थक माना जाता है, इस कार्यक्रम से दूरी बनाने वाली पहली पत्रकार बनीं. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वह पेशेवर रूप से इस कार्यक्रम में शामिल हुई थीं और उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल किसी राजनीतिक एजेंडे के लिए किया जाएगा. उन्होंने लिखा, ‘क्या किसी ने उन विदेशी पत्रकारों से पूछा, जिनकी तस्वीरें अब इस बयान से जोड़ी जा रही हैं, कि वे इसके बारे में क्या सोचते हैं?’
उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे धोखा दिया गया और इस्तेमाल किया गया महसूस हो रहा है. मैं निजी तौर पर मीडिया परिदृश्य के बारे में जानने के लिए तैयार थी, लेकिन हमारी तस्वीरों को एक राजनीतिक बयान के साथ जोड़ दिया गया, जिससे यह संदेश गया कि हम एक ऐसे देश की सरकार की आलोचना में शामिल हैं, जहां हम मेहमान हैं.”

पाक पत्रकार ने दी सफाई

उनकी इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर काफी रिएक्शन मिल रहे हैं. बाद में पाकिस्तानी पत्रकार मरियम नवाज खान ने सफाई देते हुए कहा कि कार्यक्रम का केवल एक छोटा हिस्सा ‘स्वतंत्र पत्रकारिता की वास्तविक स्थिति’ पर चर्चा के लिए था. उन्होंने ट्वीट किया, ‘नेशनल प्रेस क्लब में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के कार्यक्रम को लेकर काफी हंगामा हो रहा है… अगर यह किसी तथाकथित सरकारी समर्थक द्वारा आयोजित होता, तो मामला अलग होता.’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान में कई पत्रकारों को ‘एंटी-पाकिस्तान’ नैरेटिव फैलाने के आरोप में जबरन उठा लिया गया है. असहमति को अपराध बना दिया गया है, चाहे वह पत्रकार हों, शिक्षाविद, कार्यकर्ता या वकील,” 

PAK पत्रकार ने दिया इस्तीफा

इस बीच, इस घटना ने सरकार का ध्यान भी खींचा है. कार्यक्रम के 24 घंटे के भीतर ही मतीउल्लाह जान ने Neo News TV से अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी. उनके इस अचानक फैसले की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई. जान ने X पर लिखा, “Neo News TV के साथ मेरी यात्रा अचानक समाप्त हो गई है… यह पहली बार नहीं है जब मुझे इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा है, और यह पहली सरकार भी नहीं है.’
कार्यक्रम में शामिल दूसरे पत्रकार असद अली तूर ने संकेत दिया कि जान के हटने के पीछे राजनीतिक दबाव हो सकता है. कई मीडिया कर्मियों ने मतीउल्लाह जान के समर्थन में आवाज उठाई. बलूच पत्रकार किय्या बलूच ने डोर्नबोस को उनके हटाए जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘कैटलिन डोर्नबोस ने X पर जिस तरह की प्रतिक्रिया को बढ़ावा दिया, उसके बाद एक पाकिस्तानी पत्रकार को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी.’
उन्होंने यह भी कहा कि मतीउल्लाह जान को उनकी ‘निडर पत्रकारिता’ के लिए याद रखा जाएगा. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, प्रेस क्लब ने जान से कार्यक्रम को टालने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने इसे आयोजित किया.

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