अफगानों ने हमेशा भारत का साथ दिया; दिल्ली आए तालिबानी मंत्री तो बौखलाया पाकिस्तान?

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि अफगानिस्तान ने हमेशा भारत का समर्थन किया है और हमारे साथ दुश्मन की तरह रहा है। खास बात है कि पाकिस्तान की तरफ से यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी गुरुवार को भारत पहुंचे हैं। खास बात है कि तालिबान की अगुवाई वाली सरकार से पहली बार किसी नेता उच्च स्तरीय यात्रा पर भारत आए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आसिफ ने कहा कि अफगान ‘कल, आज और कल हमेशा भार के साथ खड़े रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि अफगान लोग ऐतिहासिक रूप से भारत के करीब रहे हैं और पाकिस्तान के प्रति दुश्मन रहे हैं, जबकि इस्लामाबाद ने दशकों तक अफगान शरणार्थियों की मदद की है। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की पूर्व सरकारों की भी जमकर आलोचना की।

रिपोर्ट्स के अनुसार, आसिफ ने कहा कि अमेरिका के दबाव में पाकिस्तान ने लाखों अफगान शरणार्थियों को पनाह देने का फैसला लिया था। उन्होंने कहा, ‘हमने अफगानिस्तान के लिए बड़ी कुर्बानियां दीं, लेकिन इसके बाद भी वह हमारे साथ खड़े नहीं रहे।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उसकी मदद का फल नहीं मिला।
दोनों मुल्कों में तनाव
खबर है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने काबुल में TTP यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के कैंप को निशाना बनाते हुए काबुल में एयर स्ट्राइक की हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब पाकिस्तान और तालिबान में तनाव जारी है और तालिबान के मंत्री भारत पहुंचे हैं। कहा जा रहा है कि इस यात्रा ने पाकिस्तान को चिंता में डाल दिया है।
पाकिस्तान में टीटीपी के हमले
पाकिस्तान सरकार ने पिछले वर्ष प्रतिबंधित संगठन टीटीपी को फितना अल-खवारिज के रूप में अधिसूचित किया था। पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार को तालिबान आतंकवादियों के साथ संघर्ष में एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर सहित कम से कम 11 सैन्यकर्मी मारे गए थे।

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने टीटीपी के कम से कम सात आतंकियों को अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक संयुक्त अभियान में मार गिराया। सेना की मीडिया शाखा ने एक बयान में बताया कि बुधवार को अभियान के दौरान एक मेजर की भी जान चली गई है। आईएसपीआर के मुताबिक क्षेत्र से आतंकवादियों के सफाए के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

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