राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी बड़ी खबर, शिलॉन्ग कोर्ट ने सोनम समेत 5 आरोपियों को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा

शिलॉन्ग: राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। शिलॉन्ग कोर्ट ने राजा की पत्नी सोनम समेत 5 आरोपियों को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। सोनम, राज, विशाल, आकाश और आनन्द को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

पुलिस ने मांगी थी 10 दिनों की रिमांड

पुलिस की तरफ से हत्या के आरोपियों के लिए 10 दिनों की रिमांड मांगी गई थी। लेकिन कोर्ट ने आरोपियों को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा। आज रात आरोपियों से सदर पुलिस थाने में पूछताछ की जाएगी। रिक्रिएशन के लिए आरोपियों को सोहरा (चेरापूंजी) ले जाया जा सकता है।

SIT की पूछताछ में सोनम ने कबूला था अपना जुर्म

दरअसल इंदौर से पत्नी के साथ हनीमून मनाने शिलॉन्ग गए राजा रघुवंशी की हत्या हो गई थी। इस मामले ने मीडिया में काफी सुर्खियां बटोंरी और राजा की पत्नी सोनम पर हत्या को लेकर शक गहराया। इसके बाद जब छानबीन की गई तो सोनम को लेकर चौंकाने वाली बातें सामने आईं।

फिलहाल आरोपी सोनम रघुवंशी ने SIT की पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। सारे सबूत सामने रखकर सोनम से पूछताछ की गई है,जिसमें सोनम ने कहा, ”हां, मैं अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश में शामिल थी।” दरअसल मेघालय पुलिस ने सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाहा का आमना-सामना करवाया था। इस दौरान सोनम टूट गई और उसने सच उगल दिया। 

सोनम रघुवंशी का भाई बोला- बहन को दिलवाऊंगा फांसी की सजा

हालही में मृतक राजा रघुवंशी के घर सोनम रघुवंशी का भाई गोविंद रघुवंशी भी पहुंचा था। वह राजा रघुवंशी की मां से गले मिलकर रोया और बोला कि वह अपनी बहन को इस करतूत कि लिए फांसी की सजा दिलवाएगा। हालही में राजा रघुवंशी के पिता ने कहा था, ‘जो भी इसमें शामिल हैं, उनको फांसी मिलनी चाहिए। सोनम के पूरे परिवार को मालूम था कि सोनम का अफेयर है।’ उन्होंने रघुवंशी समाज से अपील की है कि सोनम के परिवार को समाज से बाहर करें।

सोनम ने पूरी योजना मायके से रहकर ही बनाई थी’

इंदौर क्राइम ब्रांच के सूत्रों का कहना है, ‘सोनम ने ठान रखा था कि उसे राजा को मारना ही है। सोनम ने पूरी योजना मायके से रहकर ही बनाई थी। 11 मई को शादी के बाद 15 मई को सोनम अपने मायके आ गई थी। सोनम ने राजा से कहा था कि कामाख्या मंदिर में दर्शन के बाद ही वो पास आएंगे। इस बहाने उसने राजा को पहले कामाख्या मंदिर और फिर मेघालय जाने के लिए मनाया।’ 

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