अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में इस साल 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यभाल संभाला था। राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप ने अमेरिका फर्स्ट का नारा दिया और कई चौंकाने वाले फैसले लिए। उनके प्रमुख फैसलों में दुनियाभर के देशों पर टैरिफ लगाना, अमेरिका के अंदर कंपनियों का प्रोडक्शन शुरू करना, प्रवासियों को निकालना आदि शामिल रहे। उनके इन फैसलों से पूरी दुनिया में उथल-पुथल देखने को मिली। अमेरिका भी अछूता नहीं रहा। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि यह शुरुआती पेन है। इसका दूरगामी असर होगा और अमेरिका में खुशहाली लौटेगी। लेकिन अब तस्वीर ठीक उलट दिखाई देने लगी है। ट्रंप के फैसलों से अमेरिका में मंदी की आशंका जताई जाने लगी है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार सुस्त होनी शुरू हो गई है। इससे अमेरिका में बेरोजगारी बढ़ने का खतरा है।
अमेरिका की विकास दर में आएगी बड़ी गिरावट
आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में कइहा कि अमेरिका की आर्थिक वृद्धि दर इस साल घटकर 1.6 प्रतिशत रह जाएगी, जो पिछले साल 2.8 प्रतिशत थी। यह संगठन अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए काम करता है तथा समय-समय पर रिपोर्ट एवं विश्लेषण जारी करता है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनिश्चित व्यापार युद्ध के कारण वैश्विक वाणिज्य का बाधित होना, लागत बढ़ना और व्यवसायों एव उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ना है। ओईसीडी के अनुसार, ट्रंप की नीतियों ने औसत अमेरिकी शुल्क दरों को बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया है जो 1938 के बाद से सबसे अधिक है। उनके दूसरी बार सत्ता में आने के समय यह करीब 2.5 प्रतिशत थी। शुल्क, उपभोक्ताओं और अमेरिकी विनिर्माताओं के लिए लागत बढ़ाते हैं जो आयातित कच्चे माल एवं कलपुर्जों पर निर्भर हैं।
वैश्विक अर्थव्यव्स्था की रफ्तार भी होगी सुस्त
ओईसीडी के पूर्वानुमान के अनुसार, इस वर्ष विश्व स्तर पर आर्थिक वृद्धि धीमी होकर केवल 2.9 प्रतिशत रह जाएगी और 2026 तक इसी स्तर पर रहेगी। यह पिछले वर्ष की 3.3 प्रतिशत और 2023 की 3.4 प्रतिशत की वृद्धि से काफी कम है। पेरिस स्थित आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन के 38 देश सदस्य हैं। आपको बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार युद्ध के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था में जनवरी-मार्च की पहली तिमाही में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई है। तीन साल में पहली बार अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट आई है। सरकार ने गुरुवार को दूसरा अनुमान जारी किया, जो उसके पिछले अनुमान से कुछ बेहतर है। पहली तिमाही की वृद्धि में गिरावट आयात में भारी वृद्धि के कारण आई, क्योंकि अमेरिका में कंपनियों के बीच राष्ट्रपति द्वारा भारी आयात शुल्क लगाने से पहले विदेशी सामान लाने में जल्दबाजी दिखी।
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