सखा सोच त्यागहु बल मोरे सब विधि घटऊं काज में तोरे

6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा विध्वंस के साक्षी रहे कर सेवकों की भावना ” राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा आंखों के सामने साकार होगा जीवन का सबसे बड़ा सपना”।  यह कहना है बाबरी विध्वंस में शामिल श्री जयप्रकाश राजोरिया जी का राजोरिया जी बहुत बड़े राम भक्त है ग्वालियर में जब सभी जगह उनका स्वागत बंधन हो रहा था इस बीच। मैं सत्येन्द्र सिंह रघुवंशी   ग्वालियर रघुवंशी समाज का अध्यक्ष होने के नाते मैंने राजोरिया जी के निज निवास पर जाकर  माल्यार्पण कर स्वागत किया  एवं  समस्त ग्वालियर रघुवंशी समाज की भावनाओं से अवगत कराया ! 

राजौरिया जो की राम भक्ति और जो भाव प़भु श्री राम के लिए है ऐसा महसूस हो रहा भगवान श्री राम उनको इस चौपाई से उनको आशीर्वाद दे रहे हैं।

“सखा सोच त्यागहु बल मोरे सब विधि घटऊं काज में तोरे ”

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