इंडिया की ताकत को नजरअंदाज नहीं कर सकते… अमेरिकी व‍िशेषज्ञ ने भारत को संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा पर‍िषद में स्थायी सीट की मांग की

वॉशिंगटन: मशहूर अमेरिकी अर्थशास्त्री और ग्लोबल पॉलिसी के विशेषज्ञ जेफरी सैक्स ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत को स्थायी सीट दिए जाने की मांग की है। जेफरी ने भारत को यूएनएससी में शामिल करने की जोरदार तरीके से हिमायत करते हुए कहा कि ये नई बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के लिए जरूरी है। सैक्स ने सोमवार को कहा कि भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति, विशाल जनसंख्या और सफल कूटनीति उसे अंतरराष्ट्रीय मामलों में महत्वपूर्ण बनाती है। ऐसे में भारत को यूएनएससी में शामिल किया जाना वैश्विक मामलों को स्थिर करने के लिए अहम है।

द संडे गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, जेफरी सैक्स का मानना है कि दुनिया एक बदलाव के दौर से गुजर रही है। आज के समय में पुरानी व्यवस्था खत्म हो रही है और एक नई बहुध्रुवीय व्यवस्था जन्म ले रही है। इस बदलाव में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है।

भारत को नजरअंदाज नहीं कर सकते: सैक्स

सैक्स ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था हर साल छह फीसदी की दर से बढ़ रही है। भारत के पास परमाणु हथियार हैं और डिजिटल तकनीक में भी आगे बढ़ रहा है। भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम भी काफी महत्वाकांक्षी है। ये सब बातें भारत को विश्व की बड़ी शक्ति बनाती हैं। भारत दुनिया में शांति और विकास में योगदान कर सकता है। ऐसे में भारत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और उसे UNSC में स्थायी जगह मिलनी चाहिए।

जेफरी सैक्स ने साल 2023 में नई दिल्ली में हुए G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘किसी दूसरे देश का नाम सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के लिए उम्मीदवार के रूप में भारत के करीब नहीं आता है। भारत ने कुशल कूटनीति को G20 के शानदार नेतृत्व के जरिए प्रदर्शित किया था। भारत ने रूस और नाटो देशों के बीच टकराव के बावजूद G20 का सफल आयोजन किया।

सैक्स के समर्थन की कितन अहमियत

भारत लंबे समय से यूएनएससी में स्थायी सीट की मांग कर रहा है। भारत के विदेश मंत्री जयशंकर और पीएम नरेंद्र मोदी कई बार दुनिया के अलग-अलग मंचों पर यूएनएससी में बदलाव की बात उठा चुके हैं। ऐसे में सैक्स जैसे प्रभावशाली व्यक्ति से समर्थन मिलना अहम है। सैक्स कोलंबिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और यूएन सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशंस नेटवर्क के अध्यक्ष हैं। वह 2002 से 2016 तक द अर्थ इंस्टीट्यूट के निदेशक थे। वह तीन UN महासचिवों के आर्थिक संकट, गरीबी कम करने और सतत विकास पर सलाहकार रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र के छह मुख्य अंगों में से एक के रूप में सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। इसमें 15 सदस्य शामिल हैं। इसमें पांच सदस्य ही स्थायी हैं। पांच स्थायी सदस्य (अमेरिका, चीन, फ्रांस, रूस और यूके) के पास ही वीटो पावर है। बाकी 10 देश दो साल के कार्यकाल के लिए अस्थायी सदस्य बनते हैं। अस्थायी सदस्यों का कार्यकाल बदलता रहता है।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *