पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी के बाद कांग्रेस भी ममता सरकार पर हमलावर हो गई है। मुर्शिदाबाद के बरहामपुर से कांग्रेस के पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने मुर्शिदाबाद हिंसा पर कहा कि हम सभी जानते हैं कि भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करेगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री नाटक कर रही हैं, वह धर्मनिरपेक्ष होने का दिखावा करती हैं।
सीएम ममता बनर्जी पर हमला करते हुए बंगाल सरकार भाजपा को आम मुसलमानों को जिहादी कहने का मौका दे रही है और इससे किसको फायदा होता है? टीएमसी और भाजपा को इससे फायदा होता है। मेरा मानना है कि दंगे वहीं होते हैं जहां सरकार चाहती है। एक बार गोधरा में ऐसा हुआ क्योंकि सरकार चाहती थी। यह बंगाल में भी हो रहा है क्योंकि सरकार चाहती है।
मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध में हिंसा
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन एक्ट के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। उत्तर बंगाल के कई इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पुलिस ने 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हिंसा को लेकर राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है।
बंगाल में हिंदुओं की सुरक्षा खतरे में- बीजेपी
बीजेपी ने ममता बनर्जी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में हिंदुओं की सुरक्षा खतरे में है। पार्टी का कहना है कि हिंसा के डर से हिंदू समुदाय के लोग अपने घर छोड़कर पलायन को मजबूर हो रहे हैं। बीजेपी नेताओं ने इसे ममता सरकार की “तुष्टिकरण की नीति” का परिणाम बताया और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने केंद्र से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्थिति को संभालने में पूरी तरह विफल रही है।
दंगा फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेंगे- ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “जो लोग समाज में नफरत फैला रहे हैं, वे असल में बंगाल की शांति और एकता को नुकसान पहुंचा रहे हैं। राज्य सरकार किसी भी कीमत पर दंगा फैलाने वालों को बख्शेंगी नहीं।” इधर, बढ़ते तनाव को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि शांति बहाल रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए। अदालत ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए। राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव और कानून-व्यवस्था की चुनौती के बीच आने वाले दिनों में सियासत और तेज होने की संभावना है।
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