नई दिल्ली। पीएम मोदी की अमेरिकी यात्रा के 48 घंटे के भीतर अमेरिका ने बांग्लादेश को बड़ा झटका दिया है। एलन मस्क के नेतृत्व वाले सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) ने कई विदेशी परियोजनाओं को रद करने का फैसला किया है। इनमें से एक परियोजना बांग्लादेश की भी है।

अमेरिका की सरकार बांग्लादेश को 29 मिलियन अमेरिकी डॉलर की धनराशि देने वाली थी, ताकि बांग्लादेश में राजनीतिक परिदृश्य को मजबूत बनाया जा सके। मगर अब एलन मस्क के विभाग ने फंडिंग को रद कर दिया है।
दक्षता विभाग ने जारी की सूची
अमेरिका के सरकारी दक्षता विभाग ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर पूरी सूची जारी की गई। इसमें कहा गया है कि बांग्लादेश को दी जाने वाली 29 मिलियन डॉलर की फंडिंग को रोक दिया गया है। हाल ही में पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बांग्लादेश के मुद्दे पर चर्चा की थी।
ट्रंप ने बांग्लादेश में अमेरिकी सरकार के शामिल होने से इनकार किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि बांग्लादेश को पीएम मोदी पर छोड़ दिया है।
फंडिंग से क्या करता था अमेरिका?
अमेरिका राजनीतिक परिदृश्य को मजबूत करने के तहत बांग्लादेश में राजनीतिक दलो में क्षमता का निर्माण, पर्टियों के बीच संबंधों को मजबूत करने और हिंसा को कम करने की फंडिंग करता है। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्रों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया जाता था। कुल मिलाकर इनका राजनीतिक कौशल विकास किया जाता था।
सरकारी दक्षता विभाग ने इन कार्यक्रमों की फंडिग रोकी
मोजाम्बिक को स्वैच्छिक चिकित्सा पुरुष खतना के लिए मिलने वाले 10 मिलियन डॉलर की मदद रोकी गई।
कंबोडिया को यूसी बर्कले लिए मिलने वाली 9.7 मिलियन डॉलर की मदद रद।
कंबोडिया में स्वतंत्र आवाजों को मज़बूत करने वाली मदद पर रोक। नहीं मिलेंगे 2.3 मिलियन डॉलर।
प्राग सिविल सोसाइटी सेंटर को नहीं मिलेंगे 32 मिलियन डॉलर।
लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण केंद्र से जुड़ी 40 मिलियन डॉलर की मदद रोकी।
सर्बिया को नहीं मिलेंगे 14 मिलियन डॉलर।
चुनाव और राजनीतिक प्रक्रिया सुदृढ़ीकरण के लिए कंसोर्टियम को 486 मिलियन डॉलर नहीं मिलेंगे।
मोल्दोवा में समावेशी और भागीदारीपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया की 22 मिलियन डॉलर की फंडिंग रोकी।
भारत में मतदान के लिए 21 मिलियन डॉलर पर भी रोक।
बांग्लादेश में राजनीतिक परिदृश्य को मज़बूत करने के लिए नहीं मिलेंगे 29 मिलियन डॉलर।
नेपाल की 20 मिलियन डॉलर की फंडिंग ठप।
नेपाल में “जैव विविधता वार्तालाप” के लिए 19 मिलियन डॉलर की फंडिंग नहीं।
1.5 मिलियन डॉलर लाइबेरिया में मतदाता विश्वास कार्यक्रम को नहीं मिलेंगे।
माली में सामाजिक सामंजस्य के लिए 14 मिलियन की फंडिंग पर रोक।
दक्षिण अफ्रीका को नहीं मिलेगी 2.5 मिलियन डॉलर की मदद।
एशिया से जुड़ी 47 मिलियन डॉलर की मदद ठप।
कोसोवो रोमा, अश्कली और मिस्र की 2 मिलियन डॉलर की मदद ठप।
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