बिहार लोक सेवा आयोग(बीपीएससी) 70वीं की पीटी परीक्षा को लेकर विवाद घमासान में बदल गया है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने गांधी मैदान में गांधी प्रतिमा के नीचे बैठकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। पटना जिला प्रशासन ने इसे गैर कानूनी घोषित करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है। इससे पहले बिना परमिशन के अनशन करने को लेकर प्रशांत किशोर पर एक और एफआईआर दर्ज कर दिया गया है। इस बीच प्रशांत किशोर ने पटना पुलिस और प्रशासन को गिरफ्तार करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि हम चोर डकैत नहीं जो कार्रवाई के नाम पर डरा देंगे। उधर पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के समर्थक भी बीपीएससी के खिलाफ सड़कों पर उतर गए हैं। पटना में सचिवालय हॉल्ट के पास पप्पू समर्थकों ने रेल रोक दिया और वहां तैनात आरपीएफ के जवान उन्हें रोक नहीं पाए।
गांधी मैदान में कड़कड़ाती ठंड में प्रशांत किशोर और उनके समर्थक और छात्र खुले आसमान के नीचे रात भर बैठ रहे। ने कहा कि अगर पुलिस और प्रशासन को लगता है कि हमारा काम गैर कानूनी है तो उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करना चाहिए। गिरफ्तार करने के लिए नया एफआईआर करने की जरूरत क्या है,पहले से केस दर्ज है। उन्हें उसी केस में पकड़ लेना चाहिए। हमारा अनशन सिर्फ बीपीएससी के मामले में ही नहीं बल्कि व्यापक मुद्दे पर बैठे हैं। दस सालों में बिहार के युवाओं के साथ छल किया गया।
पीके ने कहा है कि यह पहली बार नहीं है कि प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक हुआ है। हर दूसरी परीक्षा में ऐसा ही होता आ रहा है। पिछले पांच सात सालों से ऐसा चल रहा है। पहली बार कोई नेता नहीं आया है। लेकिन कहां कोर्ट ने कहा कि गांधी मैदान में अनशन पर नहीं बैठना है। जो नोटिस भेजा है उसमें क्या लिखा है। पदाधिकारी कानूनविद नहीं हैं। अगर किसी कानून का उल्लंघन है तो आकर गिरप्तार करें। कोर्ट में पता चल जाएगा कि कानून क्या कहता है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि पकड़कर क्या कीजिएगा। थाना में ले जाइएगा। एक दो दिन के बाद छोड़िएगा, फिर बैठ जाएंगे। हमने गलत नहीं किया है तो डर कैसा। उन्होंने कहा कि जबतक सरकार जबतक हमारी बात नहीं मानेगी तबतक अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि री एग्जाम लेना पड़ेगा।
इससे पहले गुरुवार को जन सुराज की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था कि जिन मांगों को लेकर प्रशांत किशोर की ओर से ये मांगें रखी गई थीं।
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