गंदे कपड़े पहनकर पहुंचा बैंक, बोला- ‘मेरा नाम और खाता’ सुनकर बैंंक मैनेजर ने बुलाई पुलिस, बैलेंसे देखा तो…

भोपाल. भोपाल की कोलार पुलिस ने साइबर जालसाजों को खाता बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. गिरोह का मास्टरमाइंड सिर्फ 7वीं पास है. गिरोह में लिवइन पार्टनर भी शामिल है. आरोपियों के पास से 3 कार्ड स्वाइप मशीन, 6 मोबाइल फोन, 34 क्रेडिट डेबिट कार्ड, 20 चेक, 24 चेक बुक , 6 पास बुक के अलावा, 77 सिम कार्ड, 2 डायरी, 12 एटीएम, 1 लैपटॉप, 2 वाई-फाई राउटर समेत 8 लाख कैश का कैश बरामद हुआ. आरोपी आधार और पेन कार्ड, गुमास्ता बनवाने का काम करते थे, इसी बहाने गरीब-मजदूरों के दस्तावेज हासिल कर फर्जी तरीके से खाते खुलवाते थे. फिर इन बैंक खातों को देशभर में साइबर जालसाजों को बेच देते थे. मुख्य आरोपी राहुल श्रीवास्तव उर्फ बब्लू उम्र 42 साल सिर्फ 7वीं तक पढ़ा है.

दरअसल, आरोपी राहुल बैंक में फटे-पुराने कपड़े पहनकर खाता बंद कराने बैंक पहुंचा था. आरोपियों के दो खातों में तीन महीने में तीन करोड़ के ट्रांजेक्शन हुए थे. बैंक अधिकारियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने खाता धारक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. राहुल श्रीवास्तव ने दंपती के साथ मिलकर खाता बेचने की बात बताई तो पुलिस के कान खड़े हो गए. उसने बताया कि इसके एवज में उसे कमीशन मिलता था. राहुल की निशानदेही पर दंपती को गिरफ्तार किया गया. दंपती ने 200 से अधिक खातों को बेचने की बात स्वीकार की.

पुलिस ने मुख्य आरोपी, उसकी पत्नी, एक युवक और युवती को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार युवक और युवती लिवइन में रहते थे. दोनों बागसेवनिया इलाके में आधार, पेन, फूड लाइसेंस और गुमासता बनवाने का काम करते थे.

एडिशनल डीसीपी मलकीत सिंह ने बताया, ’19 दिसंबर को बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मंदाकिनी कोलार रोड ब्रांच से कोलार पुलिस को ईमेल मिला जिसमें बताया गया कि राहुल श्रीवास्तव बैंक खाता बंद करवाने आया है. ईमेल में यह भी बताया गया कि राहुल के दो बैंक खातों में पिछले 2-3 माह में करीबन 3 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है. सूचना मिलने पर पुलिस बैंक में पहुंची. बैंक अकाउंट की डिटेल से पता चला कि 3 अक्टूबर 2024 से 5 दिसंबर 2024 के बीच तीन करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है. पुलिस ने चिनार 7 माइल बोरदा कोलार रोड में रहने वाले राहुल श्रीवास्तव से पूछताछ की.’

राहुल ने पुलिस को बताया कि उसने दो खाते घनश्याम सिंगरोले निवासी केलकच्छ उदयपुरा रायसेन को 45 हजार रुपये में बेचे हैं. एक खाता उसका और दूसरा उसकी पत्नी का अकाउंट है. पुलिस को यह भी बताया कि घनश्याम ने ही उसे खाते बेचने का आइडिया दिया था. घनश्याम ने उसे बागसेवनिया इलाके में रहने वाले लिवइन पार्टनम निकिता प्रजापति और नितेश प्रजापति से मिलवाया था.’ जांच में पता चला कि लिव-इन पार्टनर ने सैकड़ों खाते फर्जी तरीके से खोले और बेचे हैं. खाता खुलाने के लिए मजदूरों और गरीब वर्ग के लोगों को लालच देकर उनके दस्तावेज हासिल किए गए. फिर खाता खोलकर बेच दिए गए. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तार कर लिया.

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