‘मैं हिंदू नहीं, मैं मुसलमान नहीं लेकिन…’, वक्फ बिल पेश करते समय संसद में अपना धर्म क्यों बताने लगे किरेन रिजिजू?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार (8 अगस्त 2024) को लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पेश किया, जिसके बाद उन्हें विपक्षी दलों के आरोपों का सामना करना पड़ा. विपक्षी दलों को जवाब देते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उन्हें मुस्लिम विरोध कहा है. तभी अचानक सदन में किरेन रिजिजू अपना धर्म बताने लगे.

किरेन रिजिजू संसद में बताने लगे अपना धर्म

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मैं एक बौद्ध हूं. मैं हिंदू भी नहीं हूं, मैं मुस्लिम भी नहीं हूं, मैं इसाई भी नहीं हूं, लेकिन मैं सभ धर्म को मानता हूं. उन्होंने विपक्ष को निशाना साधते हुए कहा कि इस बिल को धर्म से जोड़कर न देखें.”

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास नारे का जिक्र करते हुए कहा, “ये लोग (विपक्ष) कह रहे हैं कि मैं मुसलमान नहीं हूं तो मुझे इस बिल के बारे में नहीं बोलना चाहिए. ये बहुत ही आपत्तिजनक बात है. क्या इस देश में किसी भी मंत्रालय को संभालने के लिए किसी विशेष धर्म या जाति का होना जरूरी है? वे (विपक्षी) बार-बार कह रहे है कि मैं मुसलमान नहीं हूं.”

धार्मिक स्वतंत्रता में नहीं किया जा रहा हस्तक्षेप

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विधेयक में किसी धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है और संविधान के किसी भी अनुच्छेद का उल्लंघन नहीं किया गया है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के दो प्रमुख घटक दलों जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इससे वक्फ से जुड़ी संस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “वक्फ बोर्ड संशोधन पहली बार सदन में पेश नहीं किया गया है. आजादी के बाद सबसे पहले 1954 में यह विधेयक लाया गया. इसके बाद कई संशोधन किए गए. उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श के बाद यह संशोधन विधेयक लाया गया है, जिससे मुस्लिम महिलाओं और बच्चों का कल्याण होगा.”

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