उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म पर की थी विवादित टिप्पणी, अब बोले- ‘जो कहा था उस पर कायम’

तमिलनाडु के युवा कल्याण मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार (6 नवंबर 2023)  को  सनातन धर्म पर की गई अपनी टिप्पणी पर बयान दिया. उदयनिधि ने कहा, ‘मैंने जो कहा, उसमें कुछ भी गलत नहीं था. मैं कानूनी रूप से इस मामले का सामना करूंगा. मैं अपने रुख में कोई भी बदलाव नहीं लाने जा रहा हूं. मैंने केवल अपनी विचारधारा के बारे में बात की है.” 

तमिलनाडु हाईकोर्ट की उनके मामले को सुनते हुए की गई टिप्पणी के जिक्र पर उन्होंने ये प्रतिक्रिया दी. अदालत ने उदयनिधि की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा था कि पुलिस ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही की क्योंकि उसने उदयनिधि स्टालिन और हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के मंत्री पीके शेखरबाबू को उनके बयानों के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की.

‘ऐसी कोई बात नहीं कही जो मेरे नेताओं ने नहीं की’
उदयनिधि स्टालिन ने प्रतिष्ठित नेताओं, डॉ बी आर अंबेडकर और पेरियार ई वी रामासामी का हवाला देते हुए कहा कि सनातन धर्म पर उनकी टिप्पणी कुछ ऐसी नहीं थी जो उनके नेताओं ने पहले नहीं की हो. उन्होंने एनईईटी के खिलाफ डीएमके के हस्ताक्षर अभियान के तहत यहां विदुथलाई चिरुथिगल काची प्रमुख थोल थिरुमावलवन से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात की. तिरुमावलवन ने कहा कि उनकी पार्टी डीएमके के अभियान का पूरा समर्थन करती है.

तमिलनाडु हाईकोर्ट में दायर की गई एक दूसरी याचिका में कहा गया कि उदयनिधि ने सनातन धर्म पर अपनी टिप्पणी करके संविधान की मर्यादाओं का पालन नहीं किया है. शपथ के मुताबिक जब भी कोई मंत्री किसी पद पर आसीन होता है तो वह संविधान की शपथ लेता है कि वह किसी भी दल, व्यक्ति या संस्था पर उसकी आइडेंटिटी के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा, लेकिन उदयनिधि ने ऐसा किया है. इसलिए उनको पद से हटा देना चाहिए. 

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