.. तो इसलिए शिवराज और मनोहर लाल को बनाया गया मंत्री, चौंका देगी मोदी की सोशल इंजीनियरिंग

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी नई टीम में नए चेहरों और अनुभव दोनों को महत्व दिया है। शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल, सर्बानंद सोनोवाल, एचडी कुमारस्वामी और जीतन राम मांझी को कैबिनेट में जगह दी गई है। ये सभी पहले मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इन अनुभवी नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल करने की वजह यह है कि इनके आने से मंत्रालयों के काम में तेजी आएगी। सीएम के रूप में शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल के पास एक लंबा अनुभव भी है। 

मोदी की सोशल इंजीनियरिंग

मोदी सरकार ने मंत्रिपरिषद के गठन में हर समुदाय का ध्यान रखा है। सबसे अधिक 47 मंत्री ओबीसी, एससी-एसटी और अल्पसंख्यक वर्ग से बनाए गए हैं। 27 मंत्री ओबीसी, 10 एससी, पांच एसटी और पांच अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

अनुभव से भरी मोदी की नई टीम

मोदी की नई टीम में शामिल 43 मंत्री तीन या इससे अधिक बार सांसद रह चुके हैं। 39 मंत्रियों के पास पहले से ही केंद्रीय मंत्री के रूप में काम करने का अनुभव है। मोदी 3.0 में अनुभवी नेताओं की कमी नहीं है। 71 में से 23 चेहरे पहले भी राज्य सरकारों में मंत्री रह चुके हैं। 34 के पास विधानसभा का अनुभव भी है। पीएम मोदी ने सहयोगी दलों के 11 सांसदों को भी मंत्री बनाया है।

सबसे अधिक वोटों से जीतने वाले मंत्री

अमित शाह, शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सीआर पाटिल ऐसे नवनियुक्त कैबिनेट मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में बड़े वोटों के अंतर से जीत हासिल की। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा से 8.21 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

अमित शाह गांधीनगर से 7.44 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीते। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के गुना से 5.40 लाख से अधिक वोटों से जीत हासिल की। वहीं, गुजरात के नवसारी से भाजपा के सीआर पाटिल ने 7.73 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

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