आर्मी चीफ का एक्सटेंशन क्यों किया गया, इससे टॉप रैंक के बाकी अफसरों पर क्या फर्क पड़ेगा?

भारतीय सेना का सर्वोच्च अधिकारी जनरल होता है. जिसे चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कहा जाता है. फिलहाल भारतीय सेना के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ हैं जनरल मनोज पांडे. साल 2022 में पूर्व जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के रिटायर होने के बाद जनरल मनोज पांडे ने यह पद संभाला था. भारतीय सेना में जनरल के कार्यकाल की बात की जाए तो वह अधिकतम 3 साल का होता है.

या फिर 62 साल की उम्र पूरे होने तक. इनमें से जो भी पहले हो जाए उतना ही कार्यकाल होता है. इस लिहाज से भारत के वर्तमान सीओएस यानी की चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल मनोज पांडे 31 मई को रिटायर होने वाले थे. लेकिन भारत सरकार द्वारा इंडियन आर्मी के चीफ के कार्यकाल को बढ़ा दिया गया है. आखिर क्यों लिया गया है यह फैसला. क्या इससे अन्य टाॅप रैंक के अधिकारियों पर कोई फर्क पड़ेगा?

क्यों बढ़ाया गया कार्यकाल?

भारतीय सेना के वर्तमान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल मनोज पांडे इसी महीने 31 मई को रिटायर होने वाले थे. लेकिन रिटायरमेंट की तारीख से 5 दिन पहले ही भारत सरकार की कैबिनेट द्वारा लिए गए एख फैसले में चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल मनोज पांडे  के कार्यकाल को एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया है.

सरकार ने इस एक्सटेंशन के लिए हवाला देते हुए कहा है कि भारत में फिलहाल लोकसभा चुनाव चल रहे हैं. और इस समय में वरिष्ठ अधिकारियों के पद पर कोई नई नियुक्ति नहीं की जा रही है. इसलिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ की नियुक्ति भी टाल दी गई है. 

अन्य टॉप रैंक अफसरों पर पडे़गा प्रभाव? 

सरकार द्वारा आर्मी चीफ मनोज पांडे को 1 महीने का एक्सटेंशन दिया गया है. यानी अब वह 30 जून को रिटायर होंगे. जनरल मनोज पांडे के बाद के बाद चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के लिए लाइन में जो सबसे टॉप नाम है वह है लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र त्रिवेदी और लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह. इन दोनों ही अफसरों की बात की जाए तो यह दोनों भी 30 जून को रिटायर होने जा रहे हैं. यानी देखें तो आर्मी चीफ मनोज पांडे के एक्सटेंशन से इन दोनों की चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बनने की दावेदारी खतरे में आ जाएगी. 

फिर भी बन सकते हैं चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ 

बता दें कि इंडियन आर्मी के नियमों के मुताबिक अगर कोई सीनियर अधिकारी किसी दिन रिटायर हो रहा है. तो उसके साथ रिटायर होने वाले अन्य सीनियर अधिकारी को उसी दिन प्रमोशन दिया जा सकता है. यानी उसे नए पद पर नियुक्त किया जा सकता है. तो इस लिहाज से लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र त्रिवेदी और लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह दोनों ही फिलहाल चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बनने की रेस में हैं. 

यह तीन नाम और भेजे गए हैं

लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र त्रिवेदी और लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह. इन दोनों के अलावा तीन नाम और समिति के पास भेजे गए हैं. जिनमें लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणी, लेफ्टिनेंट जनरल एमवी शुचिंद्र कुमार और लेफ्टिनेंट जनरल जेपी मैथ्यू के नाम शामिल हैं. बता दें यह तीनों फिलहाल रिटायर नहीं होने वाले यानी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बनने की इनकी दावेदारी प्रभावित नहीं हुई है. 

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