फ्रांस बना रहा सुपर राफेल जेट, अमेरिकी F-35 से होगी सीधी टक्कर, हाइपरसोनिक मिसाइल से होगा लैस

पेरिस: फ्रांस राफेल जेट का मॉडर्न वर्जन राफेल एफ-5 बना रहा है। इसे सुपर राफेल कहा जा रहा है। स्टील्थ तकनीक वाले इस लड़ाकू विमान को खास तरह से डिजाइन किया गया है और इसमें कई ऐसे फीचर दिए गए हैं, जो इसे दूसरे विमानों से काफी आगे खड़ा करते हैं। फ्रांस को उम्मीद है कि उसके प्रमुख लड़ाकू जेट का यह नवीनतम संस्करण दुनिया को पसंद आएगा और उसके निर्यात बाजार में भी शानदार प्रदर्शन करेगा। सुपर राफेल का सीधा मुकाबला अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन के बनाए एफ-35 जेट से होगा। फ्रांस इस साल से लड़ाकू जेट सुपर राफेल को बनाना शुरू करेगा और अगले छह साल यानी 2030 तक इस पर काम जारी रखेगा। फ्रांसीसी सैन्य योजना कार्यक्रम के तहत 2030 तक सुपर राफेल पर ध्यान देने का लक्ष्य रखा गया है।

डिफेंस सिक्योरिटी एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस की राफेल निर्माता डसॉल्ट एविएशन का लक्ष्य वैश्विक बिक्री में अमेरिकी एफ-35 फाइटर जेट से बेहतर प्रदर्शन करना है। अरब और एशिया में बढ़त के बावजूद विभिन्न यूरोपीय देशों को लड़ाकू विमानों की आपूर्ति की प्रतियोगिताओं में फ्रांस को अमेरिकी एफ-35 ने मात दी है। यूरोप की असफलताओं ने फ्रांसीसी कंपनी को एफ-35 को चुनौती देने के लिए सुपर राफेल वर्जन विकसित करने के लिए प्रेरित किया है। सुपर राफेल को एनईयूआरऑन जैसे भरोसेमंद विंगमैन ड्रोन के साथ संचालित करने के लिए डिजाइन किया जा रहा है, इसे जेट के पायलट नियंत्रित करेंगे लेकिन इसके बावजूद एनईयूआरऑन अपनी स्वायत्तता रखेगा।

विमान में क्या है खासियत

सुपर राफेल विमान अपने ऑपरेशन में शामिल प्रणालियों के लिए ‘सेल्फ डिफेंस बबल’ बनाने के लिए रडार जैमिंग और आत्मरक्षा प्रणालियों से लैस होगा। सुपर राफेल का जैमिंग रडार भी उन्नत होगा। इसमें वर्तमान राफेल विमानों में आई एसईएडी ऑपरेशन की कमियों को दूर किया जाएगा। सुपर राफेल को फ्रेंच-ब्रिटिश सहयोग से गाइडेड मिसाइलों को ले जाने के लिए डिजाइन किया जा रहा है, जिसे फ्यूचर क्रूज मिसाइल (एफसीएम) और फ्यूचर एंटी-शिप मिसाइल (एफएएसएम) के रूप में जाना जाता है।

सुपर राफेल में टार्गेटिंग पॉड भी होगा जो ‘टैलिओस’ और ‘रेको एनजी’ की क्षमताओं को जोड़ता है। टैलिओस टार्गेटिंग पॉड का उपयोग राफेल एफ3आर और राफेल एफ4 वेरिएंट में किया गया है। रेको एनजी पॉड का इस्तेमाल मिराज विमान में हुआ है। इसके अलावा सुपर राफेल को फ्रांस की हाइपरसोनिक परमाणु मिसाइलों ‘एएसएन4जी’ को ले जाने के लिए डिजाइन किया जा रहा है। फ्रांसीसी रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, डसॉल्ट एविएशन द्वारा विकसित किया जा रहा सुपर राफेल एक एकीकृत इकाई के रूप में अपने मिशन को पूरा करेगा, जिसे क्लब राफेल के रूप में जाना जाता है।

फ्रांसीसी रक्षा वेबसाइट मेटा डिफेंस ने बताया है कि सुपर राफेल या राफेल F 5 को उच्च स्तर पर विकसित किया जाएगा। इसकी कल्पना केवल एक फाइटर जेट की तरह नहीं बल्कि एक सिस्टम के भीतर एयर कॉम्बैट सिस्टम के रूप में की गई है, जैसा कि वर्तमान राफेल F4 वेरिएंट के मामले में है। फ्रांसीसी वायु सेना फिलहाल राफेल F3R का इस्तेमाल कर रही है और जल्दी ही वह राफेल F4 को लाएगी।

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