ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसलिए की थी कांग्रेस से बगावत? उमंग सिंघार का भरे मंच से खुलासा

मध्य प्रदेश समेत देशभर में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. कई सीटों पर नामांकन प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है, यही कारण है कि आज मध्य प्रदेश की 2 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल किया है. छिंदवाड़ा  से नकुलनाथ तो वहीं सीधी लोकसभा सीट से कमलेश्वर पटेल ने नामांकन दाखिल कर दिया है. दोनों ही नामांकन एक दूसरे के बिल्कुल इतर नजर आए हैं, एक तरफ जहां छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया तो वहीं सीधी कमलेश्वर ने साधारण तरीके से अपना नामांकन दाखिल किया है, लेकिन छिंदवाड़ा में शक्ति प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बयान पूरे प्रदेश भर में सियासी चर्चा का विषय बन गया है.

नुकलनाथ की नामांकन रैली के बाद आयोजित सभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को खरी खोटी सुना दी. सिंघार कमलनाथ सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे, तभी उन्होंने कहा कि “नेता नहीं, अब तो सिंधिया गद्दार हो गए हैं. जब मैंने बात की सिंधिया से कि आप क्या चाहते हो? बोले- मैं लोकसभा चुनाव हार गया, मेरे से 27 नंबर की कोठी छीन ली जाएगी, मैं कहां रहूंगा?”

सिंधिया को झांसी के लोग आज भी गद्दार कहते- सिंघार

सिंघार ने कहा, इतने बड़े महाराज आदमी क्या एक कोठी के कारण आपने कांग्रेस पार्टी को धोखा दे दिया. यही कारण है कि झांसी के लोग ग्वालियर के महाराज को आज भी गद्दार कहते हैं. इस समय धन-बल की ताकत पर भारतीय जनता पार्टी की राजनीति चल रही है. 

सिंघार ने आगे कहा, जब सरकार जा रही थी तब मुझे भी खरीदने की कोशिश की गई, 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर आया, लेकिन मैं सच्चा आदिवासी हूं, कांग्रेस को नहीं छोड़ा.

इस समय धन-बल की ताकत पर भारतीय जनता पार्टी की राजनीति चल रही है. मैं मानता हूं कई नेताओं पर दवाब बनाया जा रहा है. इसी कारण कई नेता पार्टी छोड़ रहे हैं

नामांकन के जरिए कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन

छिंदवाड़ा में लगातार हो रही कांग्रेस में टूट के कारण आज मध्य प्रदेश कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने यहां शक्ति प्रदर्शन किया और प्रदेश की सरकार पर जमकर निशाना साधा है. आपको बता दें छिंदवाड़ा लोकसभा सीट के प्रत्याशी के ऐलान के साथ ही कांग्रेस लगातार टूट देखने को मिल रही है. यही कारण है कि अपने किले बचाने के लिए कांग्रेस ने भी अब कमर कस ली है. आज नकुलनाथ की नामांकन रैली में प्रदेश कांग्रेस के लगभग सभी दिग्गज नेता मौजूद रहे.

क्या कमलनाथ बचा पाएंगे अपना गढ़?

छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित लोकसभा सीटों में से है. ये कमलनाथ का गढ़ कहा जाता है. 2019 के लोकसभा चुनाव में ये एकमात्र सीट थी, जिस पर कांग्रेस को जीत हासिल हुई थी. वहीं 2023 के विधानसभा चुनावों में भी छिंदवाड़ा जिले की सातों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली. कमलनाथ का गढ़ कही जाने वाली ये सीट जीतना बीजेपी के लिए मुसीबत बन सकता है.

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