सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन किया और सरकारी विभागों ने अपने कर्मचारियों का डेटा भी पोर्टल पर अपलोड कर दिया है. कर्मचारियों और पेंशन संगठनों के साथ आयोग लगातार बैठक कर रहा है. बहुत से शहरों में 8वें वेतन आयोग को लेकर बैठक हो चुकी है और बहुत से शहारों में अभी भी मीटिंग होनी बाकी है.
इस मीटिंग के दौरान कर्मचारियों ने आयोग से अपनी मांग सामने रखी है, जिसमें सैलरी-पेंशन के अलावा, छुट्टी, भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस और फिटमेंट फैक्टर जैसी चीजें हैं. इन्हीं मांगों के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. रिपोर्ट सौंपने के बाद कैबिनेट इसपर अपनी मंजूरी देगा. तब जाकर इसे लागू करने के लिए नियम बनाए जाएंगे और फिर इसे लागू कर दिया जाएगा.
ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि 8वां वेतन आयोग को लागू होने में एक साल से ज्यादा का वक्त लग सकता है, क्योंकि इसमें अभी बहुत से काम बाकी है. भले ही आयोग से तेजी से काम कर रहा है, लेकिन इसके फाइनल रिपोर्ट बनने और समीक्षा करने के दौरान ज्यादा समय लग सकता है.
एरियर देगी सरकार
भले ही 8वें वेतन आयोग 2027 के अंत में लागू हो, लेकिन यह प्रभावी जनवरी, 2026 से ही माना जाएगा. इसका मतलब है कि करीब 2 साल का एरियर सरकार एक साथ सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के अकाउंट में डिपॉजिट कर सकती है.
8वें वेतन आयोग के तहत पांच बड़ी मांगे
1. मिनिमम बेसिक सैलरी: NC-JCM ने मांग की है कि कम से कम बेसिक सैलरी को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये कर दिया जाए. यह मांग फैमिली की जरूरतों और महंगाई को ध्यान में रखर तैयार किया गया है.
1. फिटमेंट फैक्टर: कर्मचारियों ने एक बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी किया है. कर्मचारियों की मांग है कि सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.83 कर दे. फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही बेसिक सैलरी में इजाफा करता है. अगर 3.83 फिटमेंट फैक्टर होता है तो ही कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये होगी.
1. हर साल 6 फीसदी सैलरी में बढ़ोतरी: कर्मचारियों की मांग सैलरी में हर साल बढ़ोतरी की भी है. सरकारी कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि कम से कम उन्हें हर साल 6 फीसदी की वेतन बढ़ोतरी मिले, ताकि उन्हें महंगाई से मुकाबला करने में आसानी हो.
2. पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल: इसके अलावा, कर्मचारी संगठन की मांग है कि पुरानी पेंशन योजना को फिर से बहाल किया जाए. इसका उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को ज्यादा तय पेंशन सुरक्षा देना है.
5 HRA और दूसरे भत्तों में बढ़ोतरी हो:
NC-JCM ने न्यूनतम HRA स्लैब को 30% करने समेत भत्तों में संशोधन की मांग की है. इसके अलावा परिवार का कैलकुलेशन, प्रमोशन और पेंशन से जुड़े नियमों में भी बदलाव की मांगें रखी गई हैं.
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