अधूरा पुल पानी में नहीं दिखा… नाले में बही 11 लोगों से भरी ईको वैन, 3 साल के मासूम समेत 9 शव बरामद

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में दो दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. सोमवार सुबह पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना कस्बे के पास झिरी नाले में 11 लोगों से भरी ईको वैन बह गई. हादसे में अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं. मृतकों में तीन पुरुष, दो महिलाएं और तीन साल का बच्चा शामिल है. दो लोग तैरकर बाहर निकल आए, जबकि बाकी की तलाश में एसडीआरएफ की टीम जुटी हुई है. सभी शवों को सारंगपुर लाया गया है.

ईको वैन में सवार सभी लोग देवास जिले के रहने वाले थे और सतवास से कड़लावद गांव जा रहे थे. वाहन में 3 पुरुष, 4 महिलाएं और 4 बच्चे सवार थे. कार सतवास के धांसड़ गांव निवासी मुकेश सिंह चौहान के नाम पर रजिस्टर्ड है और हादसे के वक्त वही कार चला रहा था. हादसे के बाद मुकेश सिंह चौहान और उनके चाचा हुकुम सिंह तैरकर नाले से बाहर निकल आए.

अधूरा पुल नहीं दिखा, नाले में उतर गई ईको वैन

पड़ाना के पास झिरी नाले पर करीब 30 फीट का पुल निर्माणाधीन है. तेज बारिश के कारण पानी पुल के ऊपर से बह रहा था. इसी दौरान ड्राइवर को अधूरा पुल दिखाई नहीं दिया और उसने कार पुल के ऊपर चढ़ा दी. पानी के तेज बहाव में ईको वैन नाले में बह गई.
हादसे के तुरंत बाद 4 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई.

SDM बोले- लोगों ने गाड़ी निकालने से मना किया था

सारंगपुर एसडीएम रोहित बम्होरे ने बताया कि क्षेत्र में कल रात से जोरदार बारिश हो रही थी. इसके कारण 40 से 50 गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई थी. सुबह करीब 9 बजे पुलिया से गाड़ी नीचे उतरने की जानकारी मिली. मौके पर पहुंचने पर पता चला कि कई लोगों ने वाहन चालक को पुल से गाड़ी नहीं निकालने के लिए मना किया था, लेकिन इसके बावजूद गाड़ी निकाली गई और वह नाले में उतर गई.
स्थानीय लोगों ने तत्काल रेस्क्यू कर दो लोगों को बाहर निकाला. इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 7 शव बरामद किए. बाकी लोगों की तलाश जारी है.

कलेक्टर ने दिया हादसे का अपडेट

राजगढ़ कलेक्टर डॉ गिरीश मिश्रा ने बताया कि नाले में बहे सभी 9 शव हुए बरामद कर लिए गए हैं. मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये देने की स्वीकृति दी गई है. प्रथम दृष्टया इस पूरे मामले में ड्राइवर की लापरवाही सामने आई है.

4-4 लाख का मुआवजा

सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का ऐलान किया है. CM यादव ने ‘X’ पर लिखा, ”राजगढ़ जिले के पचोर-सारंगपुर मार्ग पर बारिश के कारण हुई दुर्घटना में यात्रियों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है. मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं. मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. दुर्घटना में लापता नागरिकों की खोजबीन जारी है. बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें.”

लगातार बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश

दो दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश को देखते हुए जिला कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी कर दी है. हालांकि, अवकाश अवधि में सभी शिक्षक एवं कर्मचारी निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित रहेंगे.

जल मंदिर में अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर, 6 श्रद्धालु फंसे

उधर, खिलचीपुर में गाड़ गंगा नदी तट पर स्थित जल मंदिर में श्रावण मास के सोमवार को श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे. इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और 6 लोग जल मंदिर के अंदर फंस गए. एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने नाव के सहारे रेस्क्यू कर सुबह करीब 11 बजे सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. 
खास बात यह रही कि जिला पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी स्वयं SDRF की टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे और रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हुए

मटन मार्केट में भी बढ़ा नदी का पानी, शौचालय की छत पर चढ़े 3 लोग

सोमवार के बड़े पुल के पास स्थित मटन मार्केट में भी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया. यहां बने शौचालय के ऊपर चढ़कर तीन लोगों ने अपनी जान बचाई. एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने रेस्क्यू कर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला.
वहीं, बड़ाई माता मंदिर के पास फंसे 6 लोगों को भी एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने नाव के जरिए रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला.

खिलचीपुर में दुकानों में घुसा नदी का पानी

खिलचीपुर नगर के तोप खाना गेट पर नदी का पानी पहुंच गया. कई दुकानों के अंदर पानी घुस गया और कई दुकानें जलमग्न हो गईं. लगातार बारिश के चलते जिलेभर में जगह-जगह जलभराव के हालात बने हुए हैं और बचाव कार्य जारी है. 

पचोर-बोड़ा मार्ग पर नाले के तेज बहाव में फंसी बस

जिले के पचोर-बोड़ा मार्ग पर यात्रियों से भरी बस नाले के तेज बहाव को पार करते समय बंद हो गई. बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. बड़ा हादसा टल गया. बाद में बस को टोचन कर तेज बहाव से बाहर निकाला गया.

खुजनेर में 1996 जैसे हालात, घर-दुकानों में घुसा पानी

बीती रात से जिले में कई जगह लगातार बारिश हो रही है. सबसे ज्यादा जलभराव खुजनेर नगर में हुआ, जहां कई दुकानों और घरों में पानी घुस गया. लोगों का कहना है कि 1996 में भी ऐसे ही हालात बने थे. पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने से एक बार फिर जलभराव की स्थिति बनी है और सैकड़ों लोग परेशान हैं. प्रशासन मौके पर मौजूद है और बचाव कार्य जारी है. 
वहीं, खुजनेर के समीप चिल्डावनिया में सड़क पर एक कार तेज बारिश और जलभराव के बीच फंस गई. कार में लोग भी बैठे हुए हैं.

बारिश से पूरा जिला प्रभावित

लगातार तेज बारिश के चलते राजगढ़ जिले में जगह-जगह जलभराव और नदी-नालों के उफान की स्थिति बनी हुई है. एक ओर नाले में ईको वैन बहने से 9 लोगों की मौत हो गई, तो दूसरी ओर अलग-अलग स्थानों पर फंसे लोगों को एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल रही हैं. प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर बचाव कार्य में जुटी हुई हैं.

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