उत्तर प्रदेश के लखनऊ में केजीएमयू मेडिकल कालेज के बाद अब पीजीआई परिसर में धर्मांतरण कराए जाने और 21 साल की युवती के लापता होने से जुड़े मामले ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. परिवार द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि आरोपी इरशाद अली उनकी बेटी का धर्म बदलना चाहता था और उसे सीरिया ले जाने की बात करता था. साथ ही इस सब में पीजीआई के एक डॉक्टर की ओर से उसे सपोर्ट था.
सर्विलांस पर फोन लगा इरशाद का फोन
इस कथित धर्मांतरण मामले में मंगलवार को आजतक पर खबर प्रसारित होने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है. पीड़ित महिला की बरामदगी के लिए पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित कर तलाश अभियान तेज कर दिया है. वहीं आरोपी इरशाद की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस पर फोन लगाए गए और टीम को रवाना किया गया है.मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और उनसे अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं. आरोपी को संरक्षण देने के आरोपों के बीच अब जांच का दायरा पीजीआई से जुड़े उस डॉक्टर तक पहुंच गया है जो संदेह के घेरे में है.
आरोपी डॉक्टर भी जांच के घेरे में
पुलिस ने जांच पूरी होने तक संबंधित डॉक्टर को शहर छोड़ने से मना कर दिया है. ऐसे में सिंगापुर में प्रस्तावित लेक्चर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए डॉक्टर के विदेश जाने पर भी रोक लगा दी गई है. आरोपी डॉक्टर अजमल पर दो मस्जिदों के निर्माण में भूमिका होने की बात भी सामने आई है. जिसमें एक मस्जिद पीजीआई परिसर में जबकि दूसरी पहलगाम में बनवाई गई है.
इधर,अखिल भारत हिंदू महासभा ने हिंदू लड़की की बरामदगी न होने पर कमिश्नर ऑफिस घेरने का ऐलान किया. पुलिस पूरे मामले में सभी आरोपों और संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है. यह मामला पीजीआई थाना क्षेत्र का है. एसजीपीजीआई आवासीय परिसर में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी 21 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है. परिजनों के मुताबिक युवती 21 मई 2026 को नौकरी से जुड़े काम के लिए तेलीबाग स्थित बी-2 मार्केट गई थी, लेकिन इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी. परिवार का कहना है कि युवती की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं और संबंधित फुटेज जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं.
दी थी युवती को सीरिया ले जाने की धमकी
परिजनों ने इरशाद अली नाम के युवक पर युवती को अपने साथ सीरिया ले जाने का आरोप लगाया है. शिकायत में कहा गया है कि आरोपी पहले से परिवार के संपर्क में था और उसका घर में आना-जाना था. परिवार का आरोप है कि उसके खिलाफ पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. परिजनों ने पीजीआई के एक डॉक्टर पर भी आरोपी की मदद करने का आरोप लगाया है. हालांकि इन सभी आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.
परिवार के अनुसार इरशाद अली रक्षाबंधन के अवसर पर घर आया था और युवती से राखी भी बंधवाई थी. इसके बाद उसका घर में आना-जाना बढ़ गया. आरोप है कि बाद में उसने युवती को फोन पर परेशान करना शुरू कर दिया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भी बना लीं. परिजनों का यह भी कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी ने युवती को सीरिया भेजने जैसी बातें कही थीं.
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