अभिजीत दिपके को विदेश भेजने के पैसे कहां से आए?’, CJP फाउंडर के पिता की संपत्ति पर सवाल

गुजरात के सूरत के एक RTI कार्यकर्ता ने अभिजीत दिपके के पिता की संपत्ति और CJP के लिए घोषित लीगल डिफेंस फंड की वित्तीय जांच की मांग की है. RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने शनिवार को बताया कि उन्होंने इस बारे में चुनाव आयोग और सेंट्रल GST को पत्र लिखा है. 
ये पूरा मामला NEET पेपर लीक घोटाले के विरोध में प्रदर्शन करने वाले CJP कार्यकर्ताओं को मिलने वाली कानूनी मदद और फंड से जुड़ा है. अमित तिवारी ने अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके की वित्तीय स्थिति की जांच की मांग की है.

भगवानराव दिपके महाराष्ट्र सरकार के रिटायर्ड कर्मचारी हैं. तिवारी का कहना है कि एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी अपने बेटे को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने में कैसे सक्षम रहा, इसकी जांच होनी चाहिए.

निर्वाचन आयोग से CJP के रजिस्ट्रेशन की जांच का अनुरोध

इसके साथ ही अमित तिवारी ने निर्वाचन आयोग से CJP के वैधानिक अस्तित्व पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा, ‘कॉकरोच जनता पार्टी एक गैर-पंजीकृत संस्था है, लेकिन ये एक राजनीतिक दल की तरह काम कर रही है. अगर इसे लीगल डिफेंस फंड के रूप में 1 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं, तो चुनाव आयोग को ये जांचना चाहिए कि क्या CJP जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत रजिस्टर्ड है.’
तिवारी ने आगे कहा कि अगर ये रजिस्टर्ड नहीं है, तो राजनीतिक दल के नाम पर इसका संचालन करना और फंड जुटाना जांच का विषय है.

कपिल सिब्बल के 1 करोड़ के फंड पर GST का सवाल

RTI कार्यकर्ता ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) को भी पत्र लिखा है. उन्होंने मांग की है कि सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के घोषित 1 करोड़ रुपये के फंड पर 18 प्रतिशत GST के भुगतान की जांच की जाए.

बता दें कि कपिल सिब्बल ने NEET पेपर लीक मामले में दिल्ली पुलिस के गिरफ्तार किए गए CJP प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता देने के लिए 1 करोड़ रुपये के योगदान का ऐलान किया था. अब इस राशि पर कर देनदारी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए गए हैं.

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