इस्तीफा दो और जहां जाना है जाओ’, बागी सांसदों पर भड़के TMC के कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद

टीमसी में बगावत के बाद ममता बनर्जी के समर्थक नेता बागी सांसदों को निशाने पर लिए हुए हैं. कल्याण बनर्जी ने बागी नेताओं को चुनौती दी है कि वो इस्तीफा दे दें. वहीं, कीर्ति आजाद ने बगावत करने वाले सांसदों को गद्दार करार दिया है. 
कल्याण बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टीएमसी के बागी नेताओं को लेकर कहा, ‘TMC से इस्तीफा दो और चुनाव का सामना करो. ये बागी गद्दार हैं. जैसे ही उन्होंने भूपेंद्र यादव के घर में कदम रखा, वो बेनकाब हो गए.’
बनर्जी ने कहा कि काकोली ग्रुप ने अपना लीडर ममता बनर्जी से बदलकर नरेंद्र मोदी को बना लिया है. उन्होंने दावा किया कि BJP इन सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल नहीं करेगी. जैसे ही वो भूपेंद्र यादव के घर गए, उन्होंने BJP का साथ दे दिया. 

शर्मिला सरकार पर भड़के कल्याण बनर्जी

शर्मिला सरकार पर हमला बोलते हुए बनर्जी ने कहा, ‘शर्मिला सरकार कितनी बार TMC वर्कर्स के लिए खड़ी हुईं? जब RG कर हुए तो शर्मिला सरकार और काकोली दस्तीदार कहां थीं? RG कर के मुद्दे पर मैं ही बोल रहा था. आप एक डॉक्टर के तौर पर अपनी ड्यूटी निभाने में फेल रही हैं. जब RG कर हुआ तो आपने आवाज नहीं उठाई.’ कल्याण बनर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान के 10वें शेड्यूल के तहत, अगर आपके पास दो-तिहाई सदस्य हैं तो आप अपनी पार्टी को मर्ज कर सकते हैं. आप दावा करते हैं कि आपके पास 20 MP हैं, तो आप खुद को BJP में क्यों नहीं मिला लेते? क्योंकि BJP आपको पार्टी में स्वीकार नहीं करेगी.

जहां जाना है जाओ…’

बनर्जी आगे कहते हैं, ‘जहां जाना है जाओ, लेकिन TMC सांसद होने का दावा मत करो. जनाधार 5 साल के लिए मिला था, लेकिन उनमें जमीन पर पसीना बहाने, मजदूरों के लिए खड़े होने, जमीन पर मेहनत करने की काबिलियत नहीं हो सकती. उन्हें सिक्योरिटी, बंगले चाहिए.’

कीर्ति आजाद ने बागी सांसदों को कहा ‘गद्दार’

वहीं, कीर्ति आजाद ने टीएमसी के बागी सांसदों पर हमला बोलते हुए कहा, ‘इन गद्दारों से मैं जानना चाहता हूं कि अगर तुम्हें तकलीफ हो रही थी, को इलेक्शन के बाद ये तकलीफ क्यों जाहिर की? इलेक्शन से पहले जाहिर करना चाहिए था. इलेक्शन के बाद अनेक आरोप लगाए शुभेंद शेखर ने और रिजाइन कर दिया.’
आजाद ने आगे कहा, ‘उसके (शुभेंदु शेखर) लगाए गए आरोप सही हैं या गलत, ये एक अलग बात है. लेकिन उसने कम से कम पॉलिटिकल एथिक्स दिखाया कि वो जिस पार्टी में था, जिस सिंबल के साथ राज्यसभा में सांसद थे, उसने रिजाइन कर दिया. तुम्हारे में भी अगर पॉलिटिकल एथिक्स है तो तुम भी रिजाइन कर दो उसकी तरह और आ जाओ बीजेपी के टिकट पर लड़ने के लिए.’

कीर्ती आजाद ने आगे कहा कि इन गद्दारों (काकोली ग्रुप) में जमीन पर उतरने की हिम्मत नहीं है. अगर TMC के वर्कर- जिन्होंने संघर्ष किया और आपकी जीत पक्की की, BJP के गुंडों से पिटते हैं, तो क्या आप उनके साथ खड़े होंगे? कल्याण दा और मैं ऐसे वर्करों से मिलने जाएंगे.

‘2029 में BJP देश और बंगाल से खत्म हो जाएगी’

आजाद ने दावा किया, ‘जब शेरनी घायल होती है, तो ज्यादा खतरनाक होती है. काकोली दस्तीदार 5 चुनाव हार चुकी थीं, ममता बनर्जी ने ही उन्हें लोकसभा भेजा था. उन्होंने इसलिए बगावत की है क्योंकि उन्हें चीफ व्हिप पोस्ट से हटा दिया गया था. वो एक भी फैसला नहीं लेतीं और लोकसभा की कार्यवाही से गायब रहती हैं. कीर्ति आजाद ने दावा किया कि 2029 में BJP देश और बंगाल से खत्म हो जाएगी.’

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